कैथल में नगर पालिका के निर्माण कार्यों में धांधली की जांच, सीएम फ्लाइंग ने लिए सैंपल
कलायत में नगर पालिका के निर्माण कार्यों में धांधली की लगातार शिकायतों के बाद सीएम फ्लाइंग ने जांच शुरू की है। टीम ने रामगढ़ मोड़ से खरक वाला दरवाजा तक ...और पढ़ें
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कैथल में नगर पालिका के निर्माण कार्यों में धांधली की जांच। फोटो जागरण
HighLights
कलायत नगर पालिका के निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायतें।
सीएम फ्लाइंग ने मुख्य गली निर्माण सामग्री के सैंपल लिए।
सैंपलों की प्रयोगशाला में जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, कलायत। नगर पालिका की तरफ से शहर में करवाए जा रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों में व्यापक स्तर पर धांधली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। इसके मद्देनजर सरकार ने निर्माण कार्यों की गहनता से जांच के लिए सीएम फ्लाइंग को गतिशील किया है।
सीएम फ्लाइंग टीम ने पहले कलायत में पालिका कार्यालय के रिकार्ड की जांच की। उपरांत नेशनल हाईवे रामगढ़ मोड़ से खरक वाला दरवाजा तक करीब 40 लाख रुपये की लागत की मुख्य गली के निर्माण की जांच शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड-छह के पार्षद प्रदीप राणा द्वारा मुख्यमंत्री सहित विभिन्न स्तरों पर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत दी गई हैं। इसी मामले में एसडीएम अजय हुड्डा ने जांच के लिए कमेटी गठित कर रखी है। इसी बीच सीएम फ्लाइंग ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल की।
ब्लॉक और अन्य सामग्री के चार-चार सैंपल लिए
सीएम फ्लाइंग की टीम में एसडीओ राजेश कुमार, सब इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, एएसआइ रविंद्र कुमार, विक्रम सिंह, बलबीर सिंह सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। नगर पालिका अभियंता राजेश प्रजापति और कनिष्ठ अभियंता अब्दुल वहाब खान की मौजूदगी में टीम ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल किए गए ब्लाक और अन्य सामग्री के चार-चार सैंपल लिए।
इसी तरह वार्ड तीन में जारी गली निर्माण कार्य की जांच की मांग भी मुख्य रूप से उठ रही है। लोगों का कहना है कि गली निर्माण व रिपेयर के नाम पर लीपापोती जारी है। इसका रिकार्ड जब्त करते हुए गहन जांच हो।
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साहब घूंघरूओं की तरह गलियों में बिखेरा जा रहा रोड़ा
सीएम फ्लाइंग की जांच के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्षद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरभर में जारी गलियों के निर्माण में सरेआम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। घूंघरूओं की तरह रोड़ा लेयर बिछाई जा रही है।
इसी तरह शहर में नेशनल हाईवे स्थित रामगढ़ मोड़ से लेकर खरक वाला दरवाजा तक गली निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का प्रयोग किया गया है। इसमें न तो उचित बेस तैयार की गई और न ही लेवलिंग का ध्यान रखा गया। इन हालातों के चलते किसी तरह का लाभ आवासीय क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रहा। बरसात के समय यह गली नाले का रूप धारण कर लेती है।
फ्लाइंग ने बीच गली चारपाई पर सजाए सैंपल, वार्ड तीन में भी निर्माण के सैंपल भरने की मांग
मुख्य गली गली का एक हिस्सा इंटरलाकिंग ब्लाक से जबकि दूसरा हिस्सा कंक्रीट से बनाया गया है। कंक्रीट का भाग अभी से टूटने और बिखरने लगा है। उन्होंने निर्माण के अनुमान और धरातल पर हुए कार्य में भी बड़ा अंतर होने का आरोप लगाया।
जांच के दौरान एक अलग नजारा तब देखने को मिला जब फ्लाइंग टीम ने निर्माण सामग्री के सैंपल बीच गली में स्टील की चारपाई पर सजा दिए। यह दृश्य देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने इसे अपने मोबाइल फोन में कैद किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह का हैरान करने वाला भ्रष्टाचार वे नगर पालिका में पहली बार देख रहे हैं।
सैंपल का कार्य पूर्ण करे फ्लाइंग
पार्षद प्रदीप राणा ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारियों ने सीएम फ्लाइंग को गुमराह करने का प्रयास किया। एक ही टेंडर के तहत बने ब्लाक और कंकरीट दोनों हिस्सों की जांच जरूरी है। इसलिए उडऩदस्ते को ब्लाक्स की तरह कंकरीट के भी सैंपल लेने चाहिए थे।
एसडीएम द्वारा गठित जांच कमेटी के काम शुरू होने से पहले ही नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण कार्य को अधूरा बताकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। इससे जाहिर है कि सरकार के साथ-साथ नगर पालिका अधिकारी प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रयोगशाला में होगी सैंपलों की जांच
सीएम फ्लाइंग एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। निर्माण सामग्री के चार-चार सैंपल लिए गए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।