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कैथल महंत हत्याकांड: शिवशंकर पुरी को डेरा बाबा लदाना में दी समाधि, नए गद्दीनशीन महंत का फैसला आज

Published: Fri, 04 Sep 2026 09:19 AM (IST)

कैथल के डेरा बाबा राजपुरी में महंत दूजपुरी ने साधु शिवशंकर पुरी की डंडे से पीटकर हत्या कर दी, पोस्टमार्टम ...और पढ़ें

कैथल महंत हत्याकांड: शिवशंकर पुरी को डेरा बाबा लदाना में दी समाधि। फाइल फोटो

कैथल महंत हत्याकांड: शिवशंकर पुरी को डेरा बाबा लदाना में दी समाधि। फाइल फोटो

HighLights

  1. साधु शिवशंकर पुरी की डंडे से पीटकर हत्या।

  2. पोस्टमार्टम में 45-50 वारों से मौत की पुष्टि।

  3. परंपरा अनुसार समाधि, नए महंत का फैसला आज।

जागरण संवाददाता, कैथल। बाबा लदाना स्थित डेरा बाबा राजपुरी में बुधवार को गद्दीनशीन महंत दूजपुरी ने साधु शिवशंकर पुर की डंडे से हमला कर हत्या कर दी थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार साधू पर 45 से 50 वार किए हुए हैं। छाती पर खोदमार कर हडडी तोड़ी गई।

गर्दन के पिछले हिस्से गुदी में ताबड़तोड़ वार किए हुए हैं, गुदी से ऊपर सिर में भी डंडो से पीटा गया है। पोस्टमार्टम में मौत का मुख्य कारण हेड इंजरी और छाती की हडिडयां टूटना है। टांगों पर भी चोट के निशान हैं। पुलिस ने हत्या के आरोपितों से जिस डंडे से वार किए थे, वह बरामद कर लिया है। जंजीर और रस्सी भी बरामद हुई है। महंत दूजपुरी सहित पांचों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पोस्टमार्टम के बाद मृतक महंत शिवशंकर पुरी का शव पांच बजे डेरा बाबा राजपुरी में ले गए। पुरी संप्रदाय के काफी संख्या में साधू आए हुए थे। शरीर को पवित्र जल से स्नान कराया गया। चंदन, घी, शहद, इत्र व गंगाजल से उनका अभिषेक किया।

परंपरा के अनुसार उन्हें गहरे गढडे में समाधि मुद्रा बैठाया गया। इससे पहले नमक, चीनी, विभूति (भस्म) और कपूर की परतें बिछाई गई, ताकि शरीर प्राकृतिक रूप से विलीन हो सके। साधू समाज की ओर से नरेश पुरी गांव बात्ता, साधू मथुरा पुरी, महंत रुद्र पुरी सहित काफी संख्या में शामिल रहे। बाबा के परिवार के लोग भी आए हुए थे।

गांव की पंचायत आज करेगी गददीनशीन महंत का फैसला

गांव के कृष्ण कुमार ने बताया कि ग्रांव के लोग शुक्रवार को बाबा डेरा राजुपरी में पंचायत होगी, पंचायत में साधू समाज से सलाहर करने के बाद गद्दीनशीन महंत का फैसला करेंगे। शुक्रवार को ही महंत को गददी पर बिठाया जाएगा।

सरपंच गुरनाम सिंह ने बताया कि किसी अच्छे महंत को गददी पर बिठाया जाएगा, जो डेरे का संचालन सही तरीके से कर सके। वहां पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि आरोपित महंत दूजपुरी को बाबा राजपुरी ने ही दंड दिया है, वे डेरे की परंपरा अनुसार आचरण नहीं करते थे, इसलिए उन्हें यह दंड मिला है।

पशुओं की देखरेख के लिए छह लोग रखे

बाबा राजपुरी डेरे में 180 के करीब पशु हैं। जो लोग तीन लोग पहले पशुओं की देखरेख करते थे, अब वे न्यायिक हिरासत में चले गए हैं। पशुओं की देखरेख के लिए पांच से छह लोग दिहाड़ी पर रखे हैं, वे ही अब पशुओं की देखरेख करेंगे। डेरे में आरती पुजारी कर रहे हैं, नई व्यवस्था होने तक वे ही पूजा-अर्चना करेंगे।