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करनाल में 7 अगस्त को होगा जिला परिषद चेयरपर्सन का चुनाव, तेज हुई सियासत और लॉबिंग

Published: Sat, 01 Aug 2026 09:50 PM (IST)

करनाल जिला परिषद चेयरपर्सन पद के लिए 7 अगस्त को फिर से चुनाव होगा, जिसके लिए राजनीतिक सरगर्मियां और पार्षदों को साधने की लॉबिंग तेज हो गई है।

करनाल जिला परिषद चेयरपर्सन चुनाव 7 अगस्त को, सियासत गरमाई।

करनाल जिला परिषद चेयरपर्सन चुनाव 7 अगस्त को, सियासत गरमाई।

HighLights

  1. 7 अगस्त को होगा जिला परिषद चेयरपर्सन का चुनाव

  2. पिछली चेयरपर्सन प्रवेश कुमारी राणा फ्लोर टेस्ट में फेल

  3. भाजपा के लिए पद बरकरार रखना बड़ी चुनौती

जागरण संवाददाता, करनाल। जिला परिषद चेयरपर्सन पद को लेकर अब नए सिरे से 7 अगस्त को चुनाव होगा। जिला परिषद के सभागार में डीसी डॉ. आनंद शर्मा की निगरानी में दोपहर 12.30 बजे चुनाव होगा। इस संबंध में डीसी की ओर से सभी पार्षदों के साथ-साथ पुलिस सुरक्षा को लेकर एसपी को भी पत्र लिखा है।

चुनाव की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के बीच होगी। वहीं, प्रधानी हासिल करने को लेकर राजनीति तेज हो गई है पार्षदों को साधने की लिए लाबिंग तेज हो गई है। फिलहाल वाइस चेयरपर्सन रीना खरकाली को कार्यकारी प्रधान बनाया गया है। भाजपा का एक धड़ा रीना के लिए लाबिंग कर रहा है, जबकि तीसरा धड़ा भी जातिगत तर्क देकर अपना दावा जता रहा है। देखना यह है कि 7 अगस्त किसके सिर पर प्रधानी का ताज सजता है।

गौर हो कि चेयरपर्सन प्रवेश कुमारी राणा 23 जुलाई को हुए फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई थी और उनके खिलाफ अविशवास प्रस्ताव के समर्थन में 17 पार्षदों ने वोट डाली थी। उनके हक में केवल दो ही वोट पड़ी थी। इसके बाद से यह मामला लगातार गर्माया हुआ है। प्रवेश कुमारी के पति व भाजपा नेता सोहन राणा ने कुर्सी जाने के बाद से असंध के विधायक योगेंद्र राणा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और वो एक के बाद एक गद्दारी के आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं सोहन राणा षड़यंत्र के सबूत तक होने का दावा कर रहे हैं।

भाजपा के लिए दोबारा चेयरपर्सन बनाना चुनौती

दरअसल, जिला परिषद का चुनाव बिना टिकट के हुआ था। ऐसे में प्रवेश कुमारी और रीना खरकाली दोनों के ही पति भाजपा में नेता हैं। इनके अलावा, कई निर्दलीय व कांग्रेसी विचारधारा के पार्षद हैं। फ्लोरटेस्ट में कुल 25 में से 17 पार्षद प्रवेश राणा के खिलाफ थे।

अब भाजपा को नया प्रधान बनाने के लिए 13 पार्षदों को जरूरत होगी। हालांकि, भाजपा किसी भी सूरत में सीट नहीं जाने देने की कोशिश करेगी। इसके लिए भाजपा हाईकमान की ओर से फिर से पांचों विधायकों की जिम्मेदारी लगाई गई है, ताकि रीना खरकाली को सर्वसम्मति प्रधान बनाया जा सके। जातिगत रूप से देखें तो 7 राजपूत और 4 रोड़ समुदाय के पार्षद हैं, जबकि अन्य पार्षद एसीसी और ओबीसी से लेकर अन्य समुदायों से आते हैं।

सोहन राणा पर भी रहेगी सभी की नजर

दरअसल, प्रधानी पाने को लेकर जो नंबर गेम चाहिए उसमें सोहन राणा का भी अहम रोल रहेगा, क्योंकि सोहन राणा के पास आठ पार्षद हैं, जो उनके कहे अनुसार वोट देंगे। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या भाजपा सोहन राणा की मदद लेती है या नहीं और सोहन राणा भाजपा प्रत्याशी को करते हैं और कराते हैं या नहीं।

वार्ड पार्षद

1 कुलदीप सिंह
2 गीता देवी
3 शिवराम
4 सविता देवी
5 अमित कुमार
6 अलका कुमारी
7 जसवीर सिंह
8 सुरेंद्र कुमार
9 सुषमा देवी
10 कृष्ण
11 रेणु देवी
12 निकिता
13 मोहन लाल
14 प्रवेश कुमारी
15 प्रदीप सिंह
16 रीना
17 गुरदीप सिंह
18 राजेश कुमारी
19 विनोद कुमार
20 किरण
21 राजकिशन
22 जगबीर सिंह
23 सोनिया
24 पूजा देवी
25 संग्राम सिंह

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