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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरियाणा में एसआई पर दुष्कर्म और गर्भपात कराने का आरोप, 44 दिन में करनाल पुलिस नहीं कर पाई जांच

    Updated: Mon, 30 Dec 2024 08:15 PM (IST)

    हरियाणा (Haryana Crime) में करनाल पुलिस ने दुष्कर्म और गर्भपात जैसे गंभीर मामले में 44 दिन बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं की है। पीड़िता ने आईजी कु ...और पढ़ें

    हरियाणा में एसआई पर दुष्कर्म और गर्भपात कराने का आरोप लगा है। सांकेतिक तस्वीर
    हरियाणा में एसआई पर दुष्कर्म और गर्भपात कराने का आरोप लगा है। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. दुष्कर्म और गर्भपात मामले में करनाल पुलिस की सुस्त जांच
    2. पीड़िता की शिकायत पर जांच पानीपत पुलिस को सौंपी गई
    3. एसआई पर दुष्कर्म और गर्भपात कराने का लगा है आरोप

    जागरण संवाददाता, करनाल। शादी से पहले दुष्कर्म और गर्भपात जैसे गंभीर मामले में भी करनाल पुलिस 44 दिन तक अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई। जांच की प्रगति से असंतुष्ट पीड़िता ने मामले की जांच अन्य पुलिस से कराने को लेकर आईजी कुलविंदर सिंह से शिकायत की।

    जबरन खिला दी गर्भपात की गोली

    जिसके बाद इस मामले की जांच पानीपत पुलिस को सौंप दी गई है। पीड़िता ने बताया कि सीआईए-1 में तैनात एसआई सुनील श्योकंद ने उनके साथ शादी से पहले दुष्कर्म किया।

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    पीड़िता ने चंडीगढ़ में आरोपित की शिकायत की। जिसके बाद आरोपित ने पीड़िता से शादी कर ली। पीड़िता का आरोप है कि एसआई उससे पीछा छुड़ाने का प्रयास करता रहा। वह गर्भवती हुई, तो आरोपित ने जबरन उसे गर्भपात की गोली खिला दी। जिस कारण उसका गर्भपात हो गया।

    एसआई पर धमकी देने भी लगा आरोप

    बच्चा गिराने के बाद एसआई उससे दूरी बनाने लगा। पीड़िता आरोपित के क्वार्टर पर पहुंची, तो आरोपित किसी अन्य महिला के साथ मिला। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपित ने उसके साथ अभद्रता की।

    आरोपित ने अपने पद और पहचान की धौंस दिखाते हुए पीड़िता को देख लेने की धमकी दी। जिसके बाद पीड़िता ने 16 नवंबर को सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया।

    44 दिन में भी जांच पूरी नहीं कर सकी करनाल पुलिस

    बता दें कि इस मामले में केस दर्ज करने के बाद इसकी जांच के लिए एसपी गंगाराम पूनिया ने एसआईटी का गठन किया। डीएसपी सोनू नरवाल को जांच सौंपी गई।

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    बीते दिनों महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी आरोपित एसआई सुनील श्योकंद पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस जांच पूरी न होने की बात कहकर मामले को टालती रही। महिला आयोग अध्यक्ष ने भी एसआई का पक्ष लेने पर पुलिस को फटकार लगाई थी, लेकिन एसआई पर कार्रवाई नहीं की गई।

    पानीपत ट्रांसफर की गई है जांच: एसपी

    एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि पीड़िता ने जांच बदलवाने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद एसआई सुनील श्योकंद के मामले की जांच को पानीपत ट्रांसफर कर दिया गया है। अब पानीपत एसपी किसी थाना पुलिस से मामले की जांच कराएंगे। अब तक की जांच रिपोर्ट पानीपत पुलिस को सौंपी जाएगी।

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