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    करनाल की नई अनाज मंडी में तीन दिवसीय फूड इंडिया एक्सपो, राइस इंडस्ट्री में मिलेगा रोजगार का अवसर

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 07:08 PM (GMT+05:30)

    करनाल की नई अनाज मंडी में 16 से 18 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय फूड इंडिया एक्सपो आयोजित होगा। यह एक्सपो चावल उद्योग को नई तकनीक और आधुनिक मशीनरी से जोड़े ...और पढ़ें

    नई अनाज मंडी में तीन दिवसीय फूड इंडिया एक्सपो

    नई अनाज मंडी में तीन दिवसीय फूड इंडिया एक्सपो

    HighLights

    1. करनाल में 16-18 जनवरी को फूड इंडिया एक्सपो 2026

    2. चावल उद्योग को नई तकनीक और आधुनिक मशीनरी से जोड़ेगा

    3. युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा

    जागरण संवाददाता, करनाल। करनाल की नई अनाज मंडी में 16, 17 और 18 जनवरी को फूड इंडिया एक्सपो 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहे इस एक्सपो को लेकर चावल उद्योग से जुड़े व्यापारियों में खासा उत्साह है।

    यह जानकारी एक्सपो के आयोजक तिलक राज अरोड़ा, सरदार गुरबख्श सिंह मनचंदा और मक्खनलाल ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वार्ता में दी। आयोजकों ने बताया कि करनाल तरावड़ी का वनस्पति चावल न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

    यहां से बड़ी मात्रा में चावल का निर्यात किया जाता है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। फूड इंडिया एक्सपो चावल उद्योग को नई तकनीक और आधुनिक मशीनरी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

    उन्होंने कहा कि फूड इंडिया एक्सपो 2026 में देश और विदेश से बड़ी संख्या में व्यापारी भाग लेंगे। एक्सपो के दौरान चावल उद्योग से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और सेलर मालिकों व उद्योगपतियों को नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इससे उद्योग की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

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    यह एक्सपो युवाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर लेकर आता है। यहां नए व्यापारियों को कारोबार शुरू करने से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाएगी। एक्सपो प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक तीनों दिन लगातार चलेगा, जिसमें विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।

    देशभर के डीलर्स एसोसिएशन और चावल उद्योग से जुड़े व्यापारियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर नई तकनीक से अवगत हों। उन्होंने कहा कि इस तरह की आधुनिक मशीनरी से चावल उद्योग को नई गति मिलेगी और करनाल तरावड़ी के वनस्पति चावल की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी।