करनाल में सांड के हमले से श्रमिक की दर्दनाक मौत, शव की नहीं हो सकी पहचान
करनाल के प्रेमखेड़ा गांव में एक सांड ने धान रोपने आए एक अज्ञात श्रमिक को दौड़ा-दौड़ाकर कई टक्कर मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ...और पढ़ें
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सांड ने पीछा कर कई टक्कर मारी, श्रमिक की मौत।
HighLights
प्रेमखेड़ा गांव में सांड ने श्रमिक को मार डाला
अज्ञात श्रमिक धान रोपाई के लिए आया था
पुलिस शव की पहचान करने का प्रयास कर रही है
संवाद सहयोगी, निसिंग (करनाल)। प्रेमखेड़ा गांव में वीरवार को सांड ने श्रमिक को दौड़ा-दौड़ाकर कई टक्कर मारी। इससे श्रमिक की मौत हो गई। वह धान की रोपाई करने आया हुआ था, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव करनाल कल्पना चावला मेडिकल कालेज में रखवा दिया है।
श्रमिक किसी काम के लिए जा रहा था। इसी दौरान वहां खड़े सांड ने टक्कर मार दी। श्रमिक बचने के लिए दौड़ा, लेकिन सांड पीछे दौड़ पड़ा। दीवार के पास पहुंचने पर सांड ने फिर कई बार टक्कर मारी। इससे मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर समेत शरीर पर चोटें आईं।
श्रमिक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सांड के चले जाने पर ग्रामीण श्रमिक को अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जांच अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि श्रमिक की उम्र करीब 45 वर्ष है। काफी प्रयासों के बाद भी पहचान नहीं हो पाई। कोई दस्तावेज नहीं मिला।
जानिये, किन-किन जिलों में जानलेवा गोवंशी
- करनाल में 10 जून 2022 को मोती नगर के 72 वर्षीय एक बुजुर्ग को सांड ने सींगों से उठाकर पटक दिया था। उनकी मौत हो गई थी।
- 27 जुलाई 2024 को कुरुक्षेत्र के पटेल नगर में गोवंशी के हमले से 65 वर्षीय गुरदीप कौर की मौत हो गई। महिला घर के बाहर सफाई कर रही थीं।
- हिसार में मिर्जापुर रोड स्थित श्रीनगर कालोनी में गत 26 फरवरी को घर के बाहर बैठी 80 वर्षीय संतोष देवी को गोवंशी ने टक्कर मार दी थी, इसमें उनकी जान चली गई थी।
- भिवानी में चार-पांच साल पहले सेवानिवृत्त शिक्षक, स्कूल बस चालक, एक महिला की मौत गोवंशी की टक्कर के कारण हो चुकी है।
- चरखी दादरी में डेढ़ साल पहले वार्ड 16 निवासी गणपतराय को सांड ने सींग पर उठाकर पटक दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
- चार साल पहले गली में टहल रही गामड़ी क्षेत्र की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला भतेरी देवी को गोवंश ने टक्कर मार दी। दो दिन के बाद उपचार के दौरान भतेरी की मौत हो गई थी।
- करीब पौने चार साल पहले बाजार से घर लौट रहे वार्ड-18 निवासी विशाल की बाइक को सड़क पर लड़ रहे गोवंशी ने टक्कर मार दी थी। विशाल ने अअस्पताल में दम तोड़ दिया था।
- करीब साढ़े तीन साल पहले वार्ड-15 निवासी 75 वर्षीय महिला जीवनी देवी को सड़क पर लड़ रहे सांडों ने चपेट में ले लिया था। एक सप्ताह बाद उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
- साढ़े चार साल पहले वार्ड-18 के जिले सिंह को गोवंशी ने टक्कर मार दी थी। उनकी मौत हो गई थी।
व्यवस्था पर सवाल
कई हादसों के बाद भी सड़कों पर आवारा गोवंशी क्यों?
गोशालाओं पर खर्च का असर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा?
हादसे रोकने के लिए स्थायी कार्ययोजना कब बनेगी?