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    पिपली रैली में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, गुरनाम चढूनी ने कहा- 'अगर ट्रेड डील लागू हुई, तो भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे'

    Updated: Tue, 24 Mar 2026 07:50 AM (IST)

    कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की जनक्रांति रैली में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अस्पताल से ऑनलाइन संबोधित किया। ...और पढ़ें

    पिपली रैली में किसानों का शक्ति प्रदर्शन (फोटो: जागरण)

    पिपली रैली में किसानों का शक्ति प्रदर्शन (फोटो: जागरण)

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    जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की सोमवार को पिपली की अनाज मंडी में आयोजित किसान मजदूर जनक्रांति रैली में जुटी भीड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अस्पताल से आनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ यह लड़ाई अपने लिए नहीं देश के लिए है। उन्होंने केंद्र सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस डील पर हस्ताक्षर हुए तो भाजपा नेता गावों में नहीं घुस पाएंगे।

    उन्होंने कहा कि पहले ही किसानों ने कुर्बानी देकर तीन काले कानूनों को वापस करवाया है। इस डील के विरोध में हर किसान कुर्बानी देने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर डील पर हस्ताक्षर किए और इसके बाद कोई भी भाजपा नेता गांव में आया तो उसकी तसल्ली करने के लिए तैयार हैं। इसके जवाब में किसानों ने हाथ उठाकर किसान एकता जिंदाबाद का नारा लगाकर सहमति दी।

    बताया जा रहा है कि रैली से दो दिन पहले गुरनाम सिंह चढ़ूनी बाथरूम में फर्श पर फिसल कर गिर गए, जिससे उन्हें कुल्हे की हड्डी टूटने से ज्यादा चोट आई है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। इसी कारण वह चलने में भी असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग पर प्रशासन ने जो भी निर्णय लिया है, उसके बारे स्वयं उपायुक्त उन्हें बताएंगे।

    इसके बाद मंच पहुंचे उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि किसानों की ओर से रखी गई ट्रेड डील न करने की मांग पर भाकियू की सात सदस्यीय कमेटी और प्रदेश सरकार के बीच बातचीत के लिए दो अप्रैल का समय तय किया गया है। वहीं दूसरी मांग किसान नेताओं पर आंदोलन के दौरान जो मामले चल रहे हैं, उनके लिए जिला स्तर पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक रुख रखा जाएगा।

    वहीं तीसरी मांग सरसों और सूरजमुखी खरीद के लिए किसान संगठनों की मांग पर ही जियो फेंसिंग और बायोमीट्रिक से ही गेट पास काटे जाएंगे। धान घोटाले को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से एसआइटी गठित कर जांच की जा रही है और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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