यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
HSGPC पदाधिकारियों की खींचतान की भेंट चढ़ा विभाजन विभीषिका कार्यक्रम, वीडियो वायरल होने से गरमाया मामला
Kurukshetra News हरियाणा के एचएसजीपीसी पदाधिकारियों की खींचतान से विभाजन विभीषिका कार्यक्रम रद हो गया। इस मामले को लेकर सिख संगत की वीरवार-शुक्रवार को ...और पढ़ें

कुरुक्षेत्र, विनोद चौधरी: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) पदाधिकारियों के बीच चल रही खींचतान के चलते विभाजन विभीषिका कार्यक्रम रद कर दिया गया है। यह कार्यक्रम रविवार (20 अगस्त) को कला कीर्ति केंद्र कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम से तीन दिन पहले ही एचएसजीपीसी पदाधिकारियों के बीच 13 अगस्त की बैठक में हुई बहसबाजी का वीडियो वायरल होने से मामला गरमाया है।
गुरुद्वारा छठी पातशाही में हुई बैठक
इस मामले को लेकर सिख संगत की वीरवार-शुक्रवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही में बैठक हुई। इनमें संगत की ओर से ऐसे पदाधिकारियों को मंच पर न चढ़ने देने का एलान करने और एचएसजीपीसी के दो धड़ों के बंटने के बाद से इस कार्यक्रम को ही रद कर दिया गया। गौरतलब है कि एचएसजीपीसी की ओर से 13 अगस्त को जिला अंबाला के गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में बैठक की गई थी।
पदाधिकारियों के बीच हुई बहस
इसी बैठक के एजेंडे में शामिल 51-52 नंबर प्वाइंट पर पदाधिकारियों के बीच बहस हुई। इस बहस का वीडियो वायरल होने के बाद वीरवार को सिख संगत ने कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही में बैठक बुलाई। इस बैठक में शामिल लोगों ने महासचिव और पूर्व अध्यक्ष पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कमेटी से बाहर करने और एचएसजीपीसी अध्यक्ष बाबा कर्मजीत सिंह से मुलाकात करने की बात कही।
इसके अगले दिन शुक्रवार को सुबह केडीबी के पूर्व मानद सचिव से मुलाकात की और विभाजन विभीषिका कार्यक्रम में इन दोनों पदाधिकारियों को मंच पर न चढ़ने देने की मांग की। इसके बाद शाम को गुरुद्वारा छठी पातशाही में आयोजित बैठक में एचएसजीपीसी के अध्यक्ष न पहुंचने रोष जताया।
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दोनों धड़े आमने-सामने
बैठक की वीडियो वायरल होने के बाद एचएसजीपीसी के दोनों धड़ों में भी खींचतान बढ़ गई। मामले को गरमाते देखकर शुक्रवार को करनाल के सांसद संजय भाटिया ने प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह और महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा से अलग-अलग बातचीत कर सुलह का प्रयास किया।
इसके बाद भी दोनों धड़ों में खींचतान कम नहीं हो पाई है। प्रधान की ओर से बैठक कर श्रीअकाल तख्त को पत्र लिखने की बात कही गई तो दूसरे धड़े में महासचिव और पूर्व प्रधान ने भी श्रीअकाल तख्त के सामने दूसरे खेमे की मनमर्जी की पोल खोलने की बात कही है।
विवाद बढ़ते ही कार्यक्रम रद
दो धड़ों में बंटी एचएसजीपीसी पदाधिकारियों की खींचतान के साथ ही सिख संगत के विरोध को देखते हुए इस कार्यक्रम को रद कर दिया गया। हालांकि इसके लिए पहले कला कीर्ति भवन में जगह को फाइनल करने के साथ-साथ मुख्यातिथि और विशिष्ट अतिथि को निमंत्रण भी भेज दिया गया था। इनमें मुख्यमंत्री के ओएसडी और एक विधायक का नाम शामिल था।