मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट विवाद: HSGMC का 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म, आज कमान संभालेंगे जगदीश सिंह
मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के विवाद में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का 72 घंटे का अल्टीमेटम रविवार को समाप्त ...और पढ़ें

HSGMC का 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म (फाइल फोटो)
HighLights
मीरी-पीरी संस्थान विवाद में 72 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त।
एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश झिंडा सोमवार को संभालेंगे कार्यभार।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने लिया अहम फैसला।
संवाद सूत्र, शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर की सेवा-संभाल को लेकर चल रहे विवाद में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम रविवार दोपहर समाप्त हो गया।
अब सोमवार सुबह एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश सिंह झिंडा अपने कार्यकारी सदस्यों और अधिकारियों के साथ संस्थान पहुंचकर आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभालेंगे। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई कार्यभार संभालने के बाद ही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि एचएसजीएमसी कार्यकारिणी मीरी -पीरी की सेवा संभाल को लेकर एकमत है।
गौरतलब है की एचएसजीएमसी का गठन के बाद से ही हरियाणा में एसजीपीसी की संपत्ति और सभी गुरुद्वारों पर हरियाणा कमेटी अपना हक जता रही है। सितंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा कमेटी के हक में फैसला आने के बाद एचएसजीएमसी ने प्रदेश के ऐतिहासिक गुरुद्वारों की सेवा संभाल ली थी।
उसी दिन से शाहाबाद के मीरी पीरी मेडिकल संस्थान की सेवा संभाल को लेकर एचएसजीएमसी और एसजीपीसी आमने-सामने हैं। इसको लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में केस चल रहा था इसी केस में 8 मई को बहस हुई थी। अदालत ने बहस पूरी होने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया था।
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20 मार्च को ही सेवा संभाल के लिए पहुंच गए थे दादूवाल
इससे पहले 20 मार्च को एचएसजीएमसी धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन बलजीत सिंह दादूवाल अपने समर्थकों सहित मीरी-पीरी संस्थान पहुंच गए थे। वहां पहुंचने पर दोनों धड़ों के आमने-सामने होने पर विवाद हो गया था।
दूसरे धड़े ने झींडा पर लगाए बादल परिवार से मिलीभगत के आरोप
एचएसजीएमसी के वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह ने आज भी प्रधान जगदीश सिंह झींडा पर पंजाब के बादल परिवार और एसजीपीसी पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इतने दिनों से चल रहे विवाद में एक दिन भी झींडा ने मीरी-पीरी की सेवा संभालने की बात नहीं की।
अब पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल की ओर से अदालत में मामला उठाने और इसमें जीत मिलने के बाद आज सेवा संभाल करने की बात कह कर संस्थान पहुंच गए हैं। वह आज भी बादल परिवार से मिलीभगत का खेल खेल रहे हैं।