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    नारनौल के 43 पार्क बदहाल, गंदगी, टूटे झूले और जर्जर दीवारें बयां कर रहे सिस्टम की बड़ी लापरवाही

    Updated: Mon, 25 May 2026 02:01 PM (IST)

    नारनौल शहर के 43 पार्क गंदगी, टूटे झूलों और जर्जर दीवारों के कारण बदहाली का शिकार हैं। नगर परिषद की लापरवाही से इन पार्कों का रखरखाव नहीं हो रहा, जिसस ...और पढ़ें

    शहर के 43 पार्क बदहाल। जागरण

    शहर के 43 पार्क बदहाल। जागरण

    HighLights

    1. शहर के 43 पार्क बदहाली का शिकार हो चुके हैं।

    2. गंदगी, टूटे झूले और जर्जर दीवारों से पार्क भरे हैं।

    3. नगर परिषद की लापरवाही से रखरखाव का अभाव है।

    चांद किशोर शर्मा, नारनौल। शहरवासियों को हरियाली, स्वच्छ वातावरण और बच्चों के खेलने की सुविधा देने के उद्देश्य से नगर में बनाए गए 43 पार्क अब बदहाली का शिकार हो चुके हैं।

    स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर परिषद की निगरानी में आने वाले ये पार्क देखरेख के अभाव में गंदगी, टूटे झूलों और जर्जर दीवारों का रूप ले चुके हैं। ऐसे में सुबह-शाम सैर करने आने वाले लोग परेशान हैं, जबकि बच्चों के लिए बने झूले और उपकरण भी उपयोग लायक नहीं बचे।

    रखरखाव नहीं होने से हालात खराब

    नगर परिषद रिकार्ड के अनुसार, शहर में करीब 1 लाख 79 हजार 295 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्क विकसित किए गए हैं। इनमें हुड्डा सेक्टर पार्क, नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क, अग्रसेन चितवन वाटिका, ढाणी किरारोद पार्क, नसीबपुर क्षेत्र का पार्क, पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क, आजाद चौक सब्जी मंडी के पास राव बंसी सिंह पार्क और रेवाड़ी रोड स्थित अटल पार्क प्रमुख हैं। लेकिन अधिकांश पार्कों में नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से हालात खराब बने हुए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों में जगह-जगह कूड़ा फैला रहता है। घास की कटाई समय पर नहीं होती और कई स्थानों पर झूले टूटे पड़े हैं। पार्कों की चारदीवारी भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा होने लगा है।

    शाम के समय परिवार और बुजुर्ग पार्कों में पहुंचते हैं, लेकिन गंदगी और अव्यवस्था के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है।

    स्थिति में ज्यादा सुधार दिखाई नहीं दे रहा

    शिकायतों के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कुछ पार्कों का निरीक्षण भी किया था और नगर परिषद अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति में ज्यादा सुधार दिखाई नहीं दे रहा।

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    पार्कों के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण वातावरण दूषित हो रहा है और मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पार्कों की नियमित सफाई, टूटे झूलों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर शहरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    नगर परिषद के द्वारा समय पर देखरेख ना होने के कारण पाार्क की जर्जर हालात हो गई है। पार्क परिसर तथा आसपास में काफी गंदगी आये जमा रहती है। आसपास में रहने वाले लोगों को गंदगी युक्त वातावरण में रहने को मजबूर होना पडता है। - देवेद्र चौधरी मोहल्ला गुरूनानकपुरा वासी

    घर के बाहर बने पार्क में काफी महिनों से परिसर में गंदगी जमा है। तथा पार्क में झुले टुटे हुये है। इस समस्या काे लेकर काफी बार आसपडोस में रहने वाले लोगों ने नगर परिषद कार्यालय में जाकर मांगपत्र दिया है। परन्तु अधिकारियों ने अभी तक लोगों की समस्या का समाधान किया है। - कृष्ण सोनी हुडडा सेक्टर वासी

    सिंघाना रोड पर बने पार्क में परिवार के साथ सुबह तथा शाम घुमने के लिये जाता हूं। परन्तु पार्क परिसर में जमा गंदगी के कारण गंदगीयुक्त वातावरण बना रहता है। उन्होने नगर परिषद के अधिकारियों से मांग की है कि लोगों की समस्या का समाधान करवाये। - नरेश कुमार कैलाश नगर वासी

    नगर परिषद के द्वारा पार्को की साफ सफाई तथा मरम्मत कार्य करने का कार्य ठेकेदार को दिया है। ताकि पार्को में आवागमन करने वाले लोगों की समस्या का समाधान किया जा सके। कर्मचारियों की टीम के साथ मुआयना किया जायेगा। तथा कर्मचारियों को भेजकर सफाई कार्य करवाया जायेगा। - कमलेश सैनी चेयरपर्सन नगर परिषद नारनौल