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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Nuh Jalabhishek Yatra: नूंह में 28 की जलाभिषेक यात्रा को नहीं मिलेगी अनुमति, G-20 समिट के चलते फैसला

    By Jagran NewsEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Tue, 22 Aug 2023 10:54 PM (IST)

    नूंह जिला प्रशासन ने हिंदू संगठनों की ओर से 28 अगस्त को प्रस्तावित जलाभिषेक यात्रा की अनुमति नहीं देने का निर्णय ले लिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया ...और पढ़ें

    नूंह में 28 की जलाभिषेक यात्रा को नहीं मिलेगी अनुमति
    नूंह में 28 की जलाभिषेक यात्रा को नहीं मिलेगी अनुमति

    नूंह, जागरण संवाददाता। गुरुग्राम सीमा नूंह के गांव कोटा खंडेवला में बने आईटीसी ग्रैंड भारत होटल में तीन से सात सितंबर तक चलने वाले जी-20 सम्मेलन को देखते हुए नूंह जिला प्रशासन ने हिंदू संगठनों की ओर से 28 अगस्त को प्रस्तावित जलाभिषेक यात्रा की अनुमति नहीं देने का निर्णय ले लिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि 31 जुलाई को हुई हिंसा के बाद कानून व्यवस्था अभी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौटी है।

    31 जुलाई को यात्री नहीं हो सकी थी पूरी

    सम्मेलन में कई देश के प्रमुख आ रहे हैं और उनकी सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। यही आधार बना जिला प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। चंडीगढ़ से संकेत मिलते ही जिला प्रशासन ने अपना निर्णय ले लिया। 31 जुलाई को निकाली गई ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा हिंसा की वजह से पूरी नहीं हो सकी थी।

    28 अगस्त को फिर निकालने की थी तैयारी

    विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों की ओर से 28 अगस्त को फिर से यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि 31 जुलाई को नल्हड़ स्थित अरावली की पहाड़ी की तलहटी में स्थित प्राचीन शिवमंदिर से निकली यात्रा में शामिल लोगों पर नूंह के खेड़ला चौक पर मुस्लिम युवकों ने पथराव कर गोली भी चलाई गई थी।

    जिले में अभी भी लागू है रात का कर्फ्यू

    इसके बाद हिंसा की आग नूंह में ही नहीं, सोहना, गुरुग्राम, रेवाड़ी तथा पलवल तक पहुंच गई थी। नूंह में कर्फ्यू लगाकर हालात नियंत्रण में किए गए। अभी भी रात का कर्फ्यू तथा धारा 144 लागू है। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी यह कहकर फिर से यात्रा निकालने के दावे कर रहे हैं कि यात्रा खंडित हो गई थी।

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    अंतिम छोर सिंगार तक पहुंचने के पहले ही बवाल हो गया था, जिससे यात्रा पूरी नहीं हो सकी। कानून व्यवस्था संभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने दैनिक जागरण को बताया लोगों की भावना का सम्मान है, पर जी-20 सम्मेलन हमारे लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम को देखते हुए 28 अगस्त को किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।