यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nuh Violence मामले में कांग्रेस विधायक मामन खान को भेजा गया जेल, जिले में इंटरनेट सेवा आज भी बंद
Nuh Violence आज रिमांड अवधि खत्म होने पर नूंह हिंसा मामले में आरोपित कांग्रेस विधायक को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान नूंह की सीजेएम कोर्ट ने उन्हे ...और पढ़ें

HighLights
- जिले में आज भी इंटरनेट सेवा रात 12 बजे तक रहेगी बंद
- नूंह में उपद्रव :गनर के बयान पर चुप्पी साध गए मामन
- पाकिस्तान के यूट्यबर्स से नहीं निकला संबंध
नूंह, जागरण संवाददाता। Nuh Violence Case : 31 जुलाई को नूंह के बड़कली चौक पर हुई हिंसा में संलिप्त रहने के आरोप में कांग्रेस विधायक मामन खान (Congress MLA Mamman Khan) को आज मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। ताजा मामले में नूंह की सीजेएम कोर्ट ने मामन खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
उल्लेखनीय है कि नगीना थाने में दर्ज हुई छह एफआइआर में नामजद आरोपितों से मामन की हिंसा पूर्व बातचीत तथा वाट्सएप पर मैसेज भेजे गए हैं। चार में मामन को आरोपित बनाकर एसआइटी दो बार दो-दो दिन की रिमांड ले चुकी है।
#WATCH | Nuh CJM court sends Congress MLA Maman Khan to judicial custody for 14 days in connection with Nuh violence case pic.twitter.com/i1ZiPymeQm
— ANI (@ANI) September 19, 2023
शहर में सुबह से रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
आज रिमांड अवधि खत्म होने पर दोपहर को आरोपित विधायक को अदालत में पेश किया गया। इससे पहले मामन से हुई पूछताछ में सामने आया कि विधायक की आइटी सेल भी सक्रिय रही, पुलिस आज उस लैपटाप को भी बरामद करेगी, जिसे आइटीसेल देखने वाले मामन के दो कर्मचारी प्रयोग करते हैं।
.jpg)
जिले में आज भी इंटरनेट सेवा रात 12 बजे तक बंद रहेगी। आरोपित विधायक की पेशी को देखते हुए शहर में सुबह से ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
Also Read-
विधायक मामन खान की रिमांड बढ़ने पर क्या बोले CM खट्टर? पोर्टल खत्म करने को लेकर हुड्डा पर कसा तंज
गनर के बयान पर चुप्पी साध गए मामन
31 जुलाई को हुई हिंसा में शामिल लोगों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड में चल रहे कांग्रेस विधायक मामन खान पूछताछ में सीधे जवाब देने से अभी बच रहे हैं।
खबरें और भी
गिरफ्तारी से पहले हाईकोर्ट में याचिका लगाते वक्त उन्होंने दावा किया था कि वह घटना से पहले तथा घटना वाले दिन अपने क्षेत्र में नहीं थे। लेकिन हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) के सदस्यों ने पूछताछ के दौरान उनकी लोकेशन की रिपोर्ट रख सवाल किए तो आरोपित ने सीधे जवाब नहीं देते हुए कहा अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।