नूंह के 22 गांवों में बनेंगे स्वास्थ्य विभाग के नए सब सेंटर, बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 22 नए सब सेंटरों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 14 का शिलान्यास हो चुका है, शेष की प्रक्रिया जार ...और पढ़ें

जिले के एक गांव में जर्जर सब सेंटर। जागरण अर्काइव

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर जहां सीएचसी, पीएचसी और अन्य अस्पतालों में सुधार किया जा रहा है, वहीं लोगों को घर के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए बनाए गए सब सेंटरों को जल्द नए भवन बनेंगे। जिले में 22 सब सेंटरों की नई बिल्डिंग बनने जा रही हैं। इनमें से 14 सब सेंटरों की बिल्डिंग का शिलान्यास भी हो चुका है।
सब सेंटरों के ये भवन अलग अलग गांवों में बनाए जाएंगे। इनमें पांच सब सेंटर ऐसे हैं, जिनकी बिल्डिंग कंडम हो गई थी और बाकी ऐसे हैं, जहां बिल्डिंग न होने के कारण उन्हें चौपाल या अन्य सार्वजनिक स्थान पर चलाया जा रहा है। प्रत्येक भवन को बनाने में 60 से 80 लाख रुपये की लागत खर्च होगी। इस काम को पंचायत राज द्वारा पूरा कराया जाएगा। नए सब सेंटरों के बनने से ग्रामीण आंचल में स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी की उम्मीद बढ़ गई है।
बता दें कि दर्जनभर से अधिक गांवों में सब सेंटर पर बैठने वाले स्टाफ को बिल्डिंग के अभाव के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मजबूरी में उन्हें पंचायत जगह या लोगों की निजी दुकान या मकान में ओपीड़ी चलानी पड़ रही है, लेकिन अब उन्हें इस समस्या से जल्द छुटकारा मिलने जा रहा है।
इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 22 सब सेंटरों के लिए नए भवन बनाने की पहल शुरू की है। उम्मीद है कि सब सेंटरों की बिल्डिंग बनने के बाद जहां स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को ओपीडी चलाने में सहूलियत होगी वहीं आम आदमी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
यहां पर बनेंगे सब सेंटर के भवन
गंगवानी, इंडरी, फिरोजपुर नमक, मंडारका, नई, अडबर, सिरोली, जैवंत, गुलालता, खेड़ला नूंह, मानूबास, छारोड़ा, खरखड़ी, अलीपुर तिगरा, कंकरखेड़ी नगीना, मोलहाका, तिरवाड़ा, संघेल, मालब, राठीबास, हवन नगर, बीपीएचसी पिनगवां।
सब सेंटर के चलाने के नियम
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पांच से सात हजार की आबादी वाले गांव में सब सेंटर के लिए मंजूरी मिल जाती है। इतनी आबादी वाली पंचायतें स्वास्थ्य विभाग से सब सेंटर के लिए डिमांड कर सकती हैं। जिसकी बिल्डिंग के लिए आधा एकड़ भूमि का होना जरूरी है। सब सेंटर पर सीएचओ द्वारा ओपीडी की जाती है।

