यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Palwal: जन संवाद कार्यक्रम के पहले दिन CM ने ग्रामीणों से की सीधी बात, सबके मन की तसल्ली कर गए मनोहर लाल
गांव बागपुर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहुंचे। बागपुर के बाद गांव धतीर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

पलवल, जागरण संवाददाता। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर यमुना नदी के साथ लगते खादर क्षेत्र का गांव बागपुर। सुबह के 10.30 बजे हैं। सूर्य देव अपने पूरे वेग से चमक रहे हैं। तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, सूर्य की किरणों से गोविंद सिंह फार्म हाउस में लगा पंडाल तप रहा है, पर यहां के ग्रामीण सिर पर साफा बांधा चारपाई पर बैठे और महिलाएं साड़ी के पल्लू को सिर पर कर मूढ़ों पर बैठ आपस में संवाद कर रही हैं, उन्हें आज गर्मी कुछ नहीं कह रही।
इसलिए क्योंकि उनके गांव में 20 साल बाद प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री आ रहा है, जो उनके बीच में ही मूढ़े पर बैठ कर उनके मन की बात सुनेगा और आमजन से जुड़ी समस्याओं को हल करने की बात करेगा।
खैर 10.58 बजे सीएम पंडाल में प्रवेश करते हैं। सीएम हाथ हिला कर ग्रामीणों का अभिवादन करते हैं। चिरपरिचित अंदाज में भारत माता की जयघोष करते हैं, साथ में जोड़ते हैं गांव बागपुर की जय और फिर खादर क्षेत्र की जय बोल कर ग्रामीणों को सीधे रूप से अपने साथ जोड़ने की शुरुआत कर मूढ़े पर विराजमान हो जाते हैं।
सीएम अपने साथ क्षेत्र के विधायक दीपक मंगला को बैठाते हैं व प्रदेश के सीआइडी प्रमुख आलोक मित्तल को बैठा कर उनका परिचय कराते हैं। इस दौरान उन्होंने गांव की सरपंच नीतू भाटी का मूढ़ा विशेष रूप से अपने साथ ही लगवा कर उन्हें सम्मान दिया व कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को सम्मान देना जानती है।
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इस बीच ग्रामीणों में उत्सुकता है कि सबसे पहले वो अपने मन की बात कहें, पर सीएम कहते हैं कि पहले मेरी सुन लो और फिर आप सभी के मन की तसल्ली करके जाऊंगा। सीएम एक-एक करके विकास कार्य गिनवाते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से देश की पहली स्किल्ड यूनिवर्सिटी पलवल के दुधौला क्षेत्र में स्थापित करने का विशेष रूप से उल्लेख करते हैं।
सीएम अपनी बात गांव के राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड के आंकड़े बताने से आगे बढ़ाते हैं। बताते हैं कि दिसंबर-2022 में गांव के 552 राशन कार्ड थे और अब 1328 हो गए हैं। इसी तरह से करीब नौ हजार आयुष्मान कार्ड बनाने की बात कहते हुए ग्रामीणों के हाथ खड़े करवा कर सहमति भी लेते हैं। इस बीच जिला उपायुक्त नेहा सिंह को निर्देश देते हैं कि यह पता लगाओ के आयुष्मान कार्ड कम क्यों बने हैं।
खर्ची-पर्ची का खेल किया बंद, योग्यता के आधार पर मिलती है नौकरी
इस बीच वो बागपुर के सात युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की संख्या बताते हुए कहते हैं कि पहले की सरकारों में खर्ची-पर्ची का खेल चलता था। योग्य रह जाते थे और अयोग्य नौकरी पा जाते थे। उनकी सरकार ने यह खेल बंद किया और योग्यता के आधार पर नौकरी दी।
यह कहते हुए सीएम सामने बैठे ग्रामीणों से पूछते हैं कि उनके गांव में से किसी की सरकारी नौकरी लगी हो तो यह प्रमाणित कर सकता है। इस बीच एक युवक उठता है और कहता है कि भाई हेडकांस्टेबल लगे और बिना सिफारिश व बिना पैसे दिए योग्यता पर नौकरी पाई। अब तालियां तो बजनी ही थी।
बीच में रायसिख कश्मीर सिंह व डीके शर्मा जमीन संबंधी व सर्कल रेट बढ़ाने का मुद्दे उठाते हैं तो सीएम जवाब देते हैं कि उनकी सरकार ने यह समझा कि सर्कल रेट का खेल कौन करता है, इसलिए उन्होंने इस पर अंकुश लगाया, साथ ही जमीन अधिग्रहण का कानून खत्म किया।
इस बीच बच्चों की शिक्षा पर सीएम लड़कियों का स्कूल मिडल तक अपग्रेड करने और 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोगों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़वा कर उनकी फीस सरकार की ओर से भरवाने की घोषणा करते हैं और समस्याओं के समाधान बाबत अधिकारियों को उचित निर्देश देते हुए और लिखित आई समस्याओं को लेकर अगले जनसंवाद के लिए धतीर की ओर चल देते हैं।
धतीर गांव में भी इसी शैली में संवाद करते हैं। यहां केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी आए हुए थे। सीएम पहले अपनी बात करते हैं, फिर ग्रामीणों की सुनते हैं, पर यहां गांव बागपुर जैसा व्यवस्थित कार्यक्रम नहीं रहा। यहां ग्रामीण एक साथ अपनी समस्याएं सुनाने व लिखित में देने के लिए उठ खड़े होते हैं। यहां जगह भी तंग थी।
ग्रामीणों के सीएम के नजदीक आते देख उनकी सिक्योरिटी में लगे जवान घेर लेते हैं। सीएम भी अगले पल उठ जाते हैं और उनका काफिला पार्टी नेता जयप्रकाश डागर के यहां लंच के लिए निकल पड़ता है।