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रूस में नौकरी का झांसा, लाखों की ठगी; पलवल के दो भाइयों को बंधक बनाकर 30 दिन जेल में कराया बंद

Published: Fri, 28 Aug 2026 11:12 AM (IST)

पलवल के दो भाइयों को रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी कर बंधक बनाया गया और ...और पढ़ें

रूसी पुलिस से पकड़वाकर 30 दिनों तक जेल भिजवा दिया गया। एआई इमेज

रूसी पुलिस से पकड़वाकर 30 दिनों तक जेल भिजवा दिया गया। एआई इमेज

HighLights

  1. रूस में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी हुई।

  2. पलवल के दो भाइयों को बंधक बनाकर जेल भेजा।

  3. एजेंटों ने फर्जी वीजा और नौकरी का झांसा दिया।

जागरण संवाददाता, पलवल। विदेश में अच्छी नौकरी लगवाने के नाम पर मानव तस्करी और लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। गांव खाम्बी निवासी मुकेश कुमार और उसके चचेरे भाई सुनील को रूस में नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। इसके बाद पीड़ितों को रूस भेजकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया, कम वेतन देकर काम करवाया गया और विरोध करने पर साजिश के तहत रूसी पुलिस से पकड़वाकर 30 दिनों तक जेल भिजवा दिया गया। स्वदेश वापस लौटने के बाद पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

पीड़ित मुकेश कुमार द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, पड़ोसी गांव मरौली निवासी राहुल अपने पिता नाहर सिंह और भाई अटल के साथ मिलकर युवाओं को विदेश भेजने का झांसा देता है। राहुल और उसकी पत्नी सिमरन ने दिल्ली के भारत नगर स्थित अपने कार्यालय के जरिए पीड़ितों को छह महीने का विजिट-टू-वर्क वीजा दिलाने का दावा किया। इसके एवज में पीड़ितों से 2-2 लाख रुपय नकद और अतिरिक्त रकम फोन पे के माध्यम से वसूल की गई।

रूस पहुंचने पर राहुल और उसके साथी एजेंटों नजीम, पप्पू और आजम ने पीड़ितों को एक कमरे में बंधक बनाकर रख दिया। कंपनी में काम पर लगाने के बाद उन्हें तय दैनिक 6000 रूबल (रूस की करेंसी) की जगह महज 2500 रूबल दिए जाते थे और बाकी 3500 रूबल एजेंट आपस में बांट लेते थे। जब पीड़ितों ने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो आरोपितों ने रंजिश रखते हुए 14 जुलाई 2026 को वहां की स्थानीय पुलिस को झूठी सूचना देकर छापेमारी करवा दी। रूसी पुलिस ने पीड़ितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जेल में रहने के दौरान राहुल भारत में स्वजन को छुड़वाने का झूठा आश्वासन देकर फर्जी टिकट के नाम पर पैसे ऐंठता रहा। इस दौरान पीड़ितों का लैपटाप, मोबाइल, कागजात और नकदी भी छीन ली गई। आखिरकार स्वजन द्वारा भारत से ही असली टिकट बुक कराए जाने के बाद दोनों भाई 30 दिन जेल काटने के बाद भारत लौट सके।