Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पलवल में बढ़ते हेपेटाइटिस के प्रकोप के बीच अवैध क्लीनिकों पर सख्ती, पुलिस के हत्थे चढ़े दो झोलाछाप डॉक्टर

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    पलवल के छांयसा गांव में हेपेटाइटिस के बढ़ते प्रकोप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। टीम ने अवैध रूप से चल रहे दो क्लीनिकों पर छापा मारकर दो झ ...और पढ़ें

    छांयसा गांव में अवैध तरीके से चल रहे क्लीनिक पर छापेमारी की कार्रवाई करती पुलिस।

    छांयसा गांव में अवैध तरीके से चल रहे क्लीनिक पर छापेमारी की कार्रवाई करती पुलिस।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, पलवल। हथीन के छांयसा गांव में एक माह से हेपेटाइटिस के बढ़ते प्रकोप के बाद अब स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छांयसा में अवैध रूप से चल रहे दो क्लीनिकों पर कार्रवाई की है।

    इस छापेमारी के दौरान दो झोलाछापों को बिना किसी वैध डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के गांवों में छापेमारी तो की थी, लेकिन छांयसा में अभी तक छापेमारी की बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी।

    हेपिटाइटिस फैलने के जिम्मेदार?

    बता दें कि छांयसा गांव में बीते एक माह में 50 से अधिक हेपिटाइटिस बी और सी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से हेपिटाइटिस बी और सी से पीड़ित चार मरीजों की मौत भी हो चुकी है। साथ ही तीन मरीज पीलिया के कारण भी जान गंवा चुके हैं। ग्रामीण इस आंकड़े को और अधिक बताया रहे हैं।

     

    जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में अंदेशा जताया था कि गांव में मौजूद झोलाछाप एक ही सिरिंज को कई बार उपयोग करते हैं, इससे भी यह संक्रमण फैलने की आशंका है।

    साथ ही झोलाछाप कई बार मरीजों को स्टेराइड भी दे देते हैं, जिससे भी बीमारी फैलने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की है।

    क्लीनिकों में नहीं था सफाई का प्रबंध

    कार्रवाई के लिए एसएमओ हथीन के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई थी, जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट डा संजय कुमार,डा. गजय सिंह और डा. इम्तियाज खान शामिल रहे।

    टीम ने पुलिस बल के साथ छापेमारी की, जहां छांयसा के रहने वाले झोलाछाप करीम और नूंह के भंडगा के रहने वाले सरफराज के क्लीनिकों पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्लीनिकों पर न तो कोई बोर्ड लगा था और न ही कोई वैध डिग्री या डिप्लोमा मौजूद था।

    क्लीनिकों में सफाई का कोई प्रबंध नहीं था। वहां बायोवेस्ट डिस्पोजल, हब कटर या डस्टबिन जैसी अनिवार्य सुविधाएं नदारद थीं। मौके से भारी मात्रा में दवाइयां और उपकरण बरामद हुए।

    कई सालों से चल रहा था क्लीनिक

    छापेमारी के दौरान टीम ने बीपी मशीन, पल्स आक्सीमीटर, नेबुलाइजर, स्टेथोस्कोप और अन्य सर्जिकल उपकरण बरामद किए। करीम के पास से 20 प्रकार की और सरफराज के पास से 31 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां व इंजेक्शन बरामद हुए। ग्रामीणों के अनुसार यह क्लीनिक कई वर्षों से गांव में चल रहे थे।

    जांच के दौरान टीम ने जब वहां मौजूद ग्रामीणों से गवाह बनने या बयान दर्ज कराने को कहा तो स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने सभी बरामद सामान को सील कर अपने कब्जे में ले लिया और मौके की वीडियोग्राफी भी की।

    खबरें और भी

    हथीन थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर आरोपितों के विरुद्ध अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं।

    ड्यूटी मजिस्ट्रेट डा संजय कुमार के अनुसार टीम ने कार्रवाई कर झोलाछापों को पकड़ा है। पुलिस में आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। आगे भी ऐसी कार्रवाई चलती रहेंगी।

    यह भी पढ़ें- पलवल के छांयसा गांव में हेपेटाइटिस संक्रमण के तीन नए संदिग्ध मरीज मिले, सात लोगों की हो चुकी मौत