Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरियाणा में खतरे में है 800 कंडक्टरों की नौकरी, एक्शन में अनिल विज; शुरू हुई जांच

    Updated: Mon, 13 Jan 2025 08:10 AM (IST)

    हरियाणा रोडवेज में कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती हुए करीब 800 परिचालकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन परिचालकों द्वारा नौकरी पाने क ...और पढ़ें

    हरियाणा में कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती कंडक्टरों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। फाइल फोटो
    हरियाणा में कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती कंडक्टरों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हरियाणा में 800 कंडक्टरों की नौकरी पर लटकी तलवार
    2. सभी जिलों में महाप्रबंधकों की कमेटियों ने शुरू की जांच
    3. 2018 में हड़ताल के दौरान इन कर्मियों ने की थी सरकार की मदद

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्ती हुए करीब 800 परिचालकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। परिचालकों द्वारा नौकरी हासिल करते समय लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्र संदिग्ध माने जा रहे हैं। परिवहन विभाग को शक है कि इसमें काफी अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी हो सकते हैं।

    अनुभव प्रमाण पत्र अगर पूरी तरह से फर्जी पाए गए तो इन परिचालकों को घर बैठना पड़ सकता है। यह मामला उजागर होने के बाद परिवहन मंत्री अनिल विज ने जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। प्रदेश के सभी जिलों में परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच शुरू करवा दी गई है।

    भर्ती में दी गई थी प्राथमिकता

    परिवहन विभाग के सूत्रों के मुताबिक इन सभी उम्मीदवारों को भर्ती में प्राथमिकता दी गई, क्योंकि उन्होंने 2018 में 18 दिनों तक रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान स्थिति से कुशलतापूर्वक निपटने में राज्य सरकार की मदद की थी।

    यह भी पढ़ें- Haryana Politics: 'नेहरू एक्सीडेंटल PM', मनोहर लाल बोले- भीमराव आंबेडकर थे हकदार; हुड्डा ने किया पलटवार

    हड़ताल अवधि के दौरान जनता को सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए दैनिक आधार पर परिचालक के रूप में काम किया। इसके लिए उम्मीदवारों को ना केवल भुगतान किया गया, बल्कि एक अनुभव प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। उस समय सरकार ने कहा था कि परिचालकों की भर्ती में इन आवेदकों को महत्व दिया जाएगा।

    खबरें और भी

    प्रमाण पत्रों की हो रही है वेरिफिकेशन

    कुछ व्यक्ति उस दौरान बिना ड्यूटी किए ही फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कामयाब हो गए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने हाल ही में परिचालकों को उनके अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त किया था। नियुक्ति के बाद राज्य परिवहन अधिकारियों को शिकायतें मिलीं।

    इसके बाद कंडक्टर के रूप में नियुक्त सभी उम्मीदवारों के प्रमाण पत्रों को वेरिफाई करने का काम किया गया। हड़ताल के दौरान कंडक्टरों को दिए गए पारिश्रमिक के आधार पर प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन की जा रही है।

    नौकरी पाने के लिए किया था फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल

    परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में कुछ डिपो में कंडक्टरों ने ज्वाइन किया है और उनके सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही अधिकारियों को एक रिपोर्ट भेजी जाएगी।

    कुछ उम्मीदवारों द्वारा नौकरी पाने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी प्रमाण पत्रों की शिकायतों के बाद भी ज्वाइनिंग की है। मुख्यालय के निर्देशों के बाद जांच शुरू हो गई है।

    यह भी पढ़ें- हरियाणा के छात्रों के लिए खुशखबरी: सरकारी कॉलेजों में कराई जाएगी कंपटीशन एग्जाम की तैयारी; CM सैनी ने दिए निर्देश