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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haryana News: शीतकालीन सत्र से पहले अनिल विज की नाराजगी दूर होने की संभावना, दूसरी बार की सीएम मनोहर लाल से मुलाकात

By Anurag AggarwaEdited By: Deepak Saxena
Updated: Thu, 07 Dec 2023 11:05 PM (IST)

विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मंत्री अनिल विज (Anil Vij) की नाराजगी दूर होने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की सेहत ज्यादा खरा ...और पढ़ें

शीतकालीन सत्र से पहले अनिल विज की नाराजगी दूर होने की संभावना (फाइल फोटो)।
शीतकालीन सत्र से पहले अनिल विज की नाराजगी दूर होने की संभावना (फाइल फोटो)।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (Anil Vij) की नाराजगी विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले दूर हो सकती है। पिछले दो माह से स्वास्थ्य विभाग का कामकाज नहीं कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री से अनिल विज की उनके आवास पर करीब आधे घंटे तक मुलाकात हुई है। विज की मनोहर लाल से यह दूसरी मुलाकात है।

इससे पहले 15 नवंबर के आसपास अनिल विज ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। तब भी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की नाराजगी दूर होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब करीब एक माह बाद दूसरी बार हुई मुलाकात के इसलिए अधिक कामयाब रहने की संभावना है, क्योंकि 15 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र है, जिसमें सरकार स्वास्थ्य विभाग के झगड़े को लेकर किसी तरह का शोर शराबा करने का विपक्ष को मौका नहीं देना चाहती।

अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बर्बाद: अनिल विज

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बड़े अधिकारी द्वारा विभाग की मीटिंग लेने से नाराज हैं। विज का कहना है कि इस मीटिंग को लेने से पहले उन्हें न तो सूचना दी गई और न ही उन्हें भरोसे में लिया गया। विज का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के इस अधिकारी ने मीटिंग लेते हुए भरी बैठक में यह कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। इसे पटरी पर लाने की जरूरत है।

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विज ने स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक की कार्य प्रणाली पर भी उठाए सवाल

विज की दलील है कि जब उनके विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने ऐसा संदेश जाएगा तो कोई उनकी बात कैसे मानेगा। विज की नाराजगी स्वास्थ्य सचिव जी अनुपमा और स्वास्थ्य महानिदेशक की कार्य प्रणाली को लेकर भी है। स्वास्थ्य सचिव और महानिदेशक भी इस बैठक में थे, लेकिन विभाग की मुखिया होने के नाते स्वास्थ्य सचिव ने इस बैठक की जानकारी न तो मंत्री को दी और न ही उनसे बैठक में शामिल होने की अनुमति प्राप्त की।

स्वास्थ्य मंत्री अब इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई चाहते हैं। कार्रवाई के प्रारूप-स्वरूप के बारे में विज खुलकर कुछ नहीं बताते, सिर्फ इतना कहते हैं कि मैंने अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रख दी है और मुझे उन पर पूरा भरोसा है। विज इस बात के भी संकेत दे चुके हैं कि यदि विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह विपक्ष के सवालों का जवाब विधानसभा में नहीं देंगे। यदि वास्तव में ऐसा हुआ तो सरकार के सामने अजीब स्थिति पैदा हो जाएगी।

चर्चाएं ऐसी हैं कि स्वास्थ्य मंत्री अपने पद से दे सकते इस्तीफा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि स्वास्थ्य मंत्री अपने पद से किसी भी समय इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन चर्चा यह भी है कि उनसे स्वास्थ्य विभाग लिया जा सकता है। इस मुद्दे पर तीन दिन पहले सीएम निवास पर हुई भाजपा संगठन, सरकार और आरएसएस के नेताओं की बैठक में भी बातचीत हुई है। कहा गया कि सबसे पहले विवाद को निपटाने के प्रयास किए जाने चाहिए। बाकी चीजें बाद की हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल से गुरुवार को हुई अनिल विज की मुलाकात को सीएम निवास पर हुई बैठक की आगे की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही यह विवाद निपट सकता है।

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