हरियाणा में फिर गरमाया कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का मुद्दा, हुड्डा ने हिमाचल की तर्ज पर पक्का करने की अपील की
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा सरकार से हिमाचल प्रदेश की 2 साल की पॉलिसी के आधार पर कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है।
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हिमाचल प्रदेश में दो साल से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की नीति: हुड्डा
HighLights
हुड्डा ने हरियाणा सरकार से कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।
हिमाचल में 2 साल की सेवा पर अनुबंधित कर्मचारी नियमित होते हैं।
दैनिक वेतन भोगियों के लिए 4 साल की सेवा का प्रावधान है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की दो साल की पॉलिसी उपलब्ध है। हरियाणा की भाजपा सरकार को उसी पॉलिसी के आधार पर राज्य के आंदोलनरत सफाई कर्मियों को पक्का करना चाहिए। हुड्डा ने राज्य के अन्य विभागों के ऐसे सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की है, जो दो साल से अनुबंध अथवा डेली वेजिज आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस ने जब सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का मुद्दा उठाया था, तब राज्य सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दावा किया था कि पूरे देश में दो साल से काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की पॉलिसी नहीं है। यदि उन्हें यह पॉलिसी लाकर दे दी जाए तो सरकार आंदोलन कर रहे सफाई कर्मियों को पक्का करने के लिए तैयार है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में तीन साल से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की पॉलिसी बनाई थी। यदि भाजपा सरकार उस पॉलिसी के अंतर्गत राज्य के कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं करना चाहती तो उसे हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की पॉलिसी का अध्ययन करना चाहिए और उसके आधार पर कच्चे आंदोलनरत कर्मचारियों को नियमित करने की पहल करनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल सरकार की अनुबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण की नीति के तहत दो साल की लगातार सेवा महत्वपूर्ण पात्रता अवधि है। एक अप्रैल 2026 के कार्मिक विभाग के निर्देश के मुताबिक, जिन अनुबंधित कर्मचारियों ने 31 मार्च 2026 तक दो वर्ष की कंटीन्यू सर्विस पूरी कर ली है, उन्हें नियमित किया जा सकता है।
साथ ही, जो कर्मचारी 30 सितंबर 2026 तक दो साल पूरे करेंगे, उन्हें भी 30 सितंबर के बाद नियमितीकरण के लिए लिया जाना है। इसके अलावा दो अप्रैल 2026 के निर्देश में हिमाचल प्रदेश की सरकार ने स्पष्ट किया कि 30 सितंबर 2024 और 30 सितंबर 2025 तक दो साल की लगातार सेवा पूरी कर चुके अनुबंधित कर्मचारी भी संबंधित नीतियों के तहत नियमितीकरण के पात्र होंगे। बाकी शर्तें यथावत रखी गई हैं।
दैनिक वेतन/कंटीजेंट कर्मचारी अलग हैं
अगर 'कच्चा कर्मचारी' से मतलब डेली वेज या कंटीजेंट पेड वर्कर है, तो स्थिति अलग है। 2026-27 के लिए हिमाचल सरकार की नीति में चार साल की लगातार सेवा का प्रविधान है, जिसमें सामान्य क्षेत्रों में प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में न्यूनतम 240 दिन काम की शर्त है। नियमितीकरण उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध किया जाना है।
इसलिए मोटे तौर पर अनुबंधित कर्मचारी के लिए नियमितीकरण हेतु दो साल की लगातार सेवा, दैनिक वेतन/कंटीजेंट कर्मचारी के लिए चार वर्ष की लगातार सेवा-निर्धारित 240 दिन की शर्त है। एक और महत्वपूर्ण बात है कि नियमितीकरण स्वतः नहीं होता।
संबंधित कर्मचारी को नीति की दूसरी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी और विभागीय प्रक्रिया के साथ उपलब्ध रिक्त पद भी महत्वपूर्ण हैं। कान्ट्रैक्ट कर्मचारियों के नियमितीकरण के आदेश अब हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस आफ सर्विस आफ गर्वनमेंट इंप्लाई एक 2024 के प्रविधानों के अधीन है।
