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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा के सचिव को दिए थे सुपरटेक बिल्डर्स के खिलाफ जांच के निर्देश, जानिए क्या है पूरा मामला

    By Anurag AggarwaEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Mon, 23 Oct 2023 05:12 PM (IST)

    Haryana News केंद्रीय जहाजरानी व जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद नाइक के निर्देश के बावजूद हरियाणा पुलिस समय पर फ्लैट नहीं देने तथा दो चैक बाउंस होने के ...और पढ़ें

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा के सचिव को दिए थे सुपरटेक बिल्डर्स के खिलाफ जांच के निर्देश। फाइल फोटो
    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा के सचिव को दिए थे सुपरटेक बिल्डर्स के खिलाफ जांच के निर्देश। फाइल फोटो

    HighLights

    1. सुपरटेक लिमिटेड के संचालक को धोखाधड़ी-अपराध के दूसरे मामलों में किया था गिरफ्तार
    2. केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने की थी सुपरटेक बिल्डर्स के विरुद्ध एफआइआर की सिफारिश
    3. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा के गृह सचिव को दिए थे निर्देश, मगर अभी तक नहीं हुई कार्रवाई

    राज्य ब्यूरो, पंचकूला। Haryana News: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी, जलमार्ग और पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाइक के निर्देश के बावजूद हरियाणा पुलिस समय पर फ्लैट नहीं देने तथा दो चैक बाउंस होने के मामले में आरोपित सुपरटेक बिल्डर्स के संचालकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है। राज्य मंत्री ने करनाल के आवेदक अभिषेक दीवान की शिकायत गृह मंत्रालय को भेजकर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अंडर सेक्रेटरी मृत्युंजय त्रिपाठी ने हरियाणा के गृह सचिव को एफआइआर दर्ज (Crime News) करने के लिए कहा, लेकिन राज्य पुलिस पर अभी तक दोनों केंद्रीय मंत्रालयों के निर्देशों का कोई असर नहीं पड़ा है। नतीजतन लोग पूरी राशि जमा कराने के बावजूद आरोपित बिल्डर से अपना फ्लैट प्राप्त करने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।

    मामला करनाल के सिविल लाइन थाने का है। पीड़ित व्यक्ति अभिषेक दीवान पुत्र गगन दीवान एनआरआइ हैं और कनाडा में रहते हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री को शिकायत देने से पहले करनाल के एसपी व गृह विभाग को भी अपनी समस्या बताई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें भागदौड़ के लिए मजबूर होना पड़ा।

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    एग्रीमेंट के मुताबिक फ्लैट 2016 में मिलना था, 2019 तक भी नहीं मिला

    केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक (Union Minister of State Shripad Naik)  को भेजी शिकायत में करनाल के मूल निवासी अभिषेक दीवान ने बताया कि उन्होंने सुपरटेक लिमिटेड (Supertech Limited) के अपकंटरी प्रोजेक्ट में 2012 में फ्लैट बुक किया था। तब साढ़े तीन लाख रुपये बुकिंग राशि प्रदान की। उसके बाद 2012 से 2015 के बीच फ्लैट की पूरी राशि 35 लाख 71 हजार 515 रुपये का भुगतान कर दिया गया। एग्रीमेंट के मुताबिक फ्लैट 2016 में दिया जाना था, जो कि 2019 तक भी नहीं मिला।

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    अभिषेक दीवान ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि एनसीएलटी में जाने के बाद बिल्डर कंपनी ने उनकी रकम वापस करने के लिए दो चेक दिए, लेकिन 30 मार्च 2020 को दोनों चेक बाउंस हो गए। उन्होंने करनाल के एसपी को 20 फरवरी 2023 को एफआइआर के लिए अर्जी दी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद सुपरटेक की ओर से उन्हें धमकियां अलग से मिलने लगी।

    सुपरटेक लिमिटेड के संचालक को धोखाधड़ी-अपराध के दूसरे मामलों में किया था गिरफ्तार

    इस दौरान 28 जून 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुपरटेक लिमिटेड के संचालक व निदेशकों को धोखाधड़ी व अपराध के दूसरे मामलों में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसके बाद भी करनाल की सिविल लाइन पुलिस ने हमारी तरफ से कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है।

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ने गृह सचिव हरियाणा को केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक की संस्तुति के पत्र के साथ आरोपितों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर एनआरआइ को न्याय दिलाने के लिए निर्देशित किया, लेकिन अभी तक हरियाणा के गृह विभाग और राज्य पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    अभिषेक और गगन दीवान ने अपनी जान को खतरा बताते हुए गृह मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

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