यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: 'साल 2035 तक डबल हो जाएगी बिजली की मांग', बड़े लक्ष्यों को हासिल करने पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में हरियाणा में आठ साल तक काम करने वाले सुशासन सहयोगियों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ...और पढ़ें

HighLights
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लक्ष्य पूर्ति में सहायक बताया युवा पेशेवरों का विजन
- आठ साल हरियाणा में काम करने वाले सुशासन सहयोगियों के साथ साझा किए अनुभव
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए नए युवा पेशेवरों का विजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा पेशेवरों के ज्ञान का उपयोग कर शासन को आधुनिक जरूरतों के अनुसार चलाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि साल 2035 तक देश में बिजली की वर्तमान मांग दोगुनी हो जाएगी और हाउसिंग में 130 करोड़ जनता को मकान उपलब्ध करवाने होंगें। इन बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नए युवा पेशेवरों के विशेष सहयोग और विजन की आवश्यकता रहेगी ताकि हम देशभर में नए आयामों को छू सकें।
22 सुशासन सहयोगियों को किया सम्मानित
मनोहर लाल नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में हरियाणा में आठ साल तक काम करने वाले सुशासन सहयोगियों और उनके परिजनों को संबोधित कर रहे थे। इस अवधि के दौरान राज्य में 148 सुशासन सहयोगियों ने काम किया, जिन्हें जिला उपायुक्तों के साथ काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कार्यक्रम में निजी क्षेत्र के भागीदार तथा पिछले 15 माह से राज्य में काम करने वाले 22 सुशासन सहयोगियों को सम्मानित किया गया। हरियाणा के मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने सुशासन सहयोगी कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जो बेहद सफल रहा।
मनोहर लाल ने साझा किए अपने अनुभव
मनोहर लाल ने कार्यक्रम में अपने राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभवों को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा कि जब मैंने मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की बागडोर संभाली थी, तब कोई अनुभव नहीं था। मैंने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की। तब उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि आप विधायक तो हैं, लेकिन जब मैं मुख्यमंत्री बना था, तब विधायक भी नहीं था। जब आप कार्य करेंगे तो सीखते चले जाएंगे। कुछ वर्तमान स्थितियां सिखा देती हैं। बस आपमें कुछ करने की ललक होनी चाहिए।
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सरकारी सिस्टम में नहीं चलते थे नियम कायदे- मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब मैंने हरियाणा की बागडोर संभाली थी, तब राज्य की पुलिस को पैरालिसस का नाम दिया जाता था। सरकारी सिस्टम में नियम-कायदे नहीं चलते थे। हमने इस सिस्टम को ठीक कर कायदे व नियमों से सरकार चलाई है। उन्होंने राज्य में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि तब इन्हें रखने के लिए सिफारिशें भी आती थी, मगर हमने इस मामले में कोई सिफारिश नहीं मानी।
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148 सुशासन सहयोगियों ने किया पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव सुशासन सहयोगी परियोजना के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने मनोहर लाल को वास्तुकार की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने 148 सुशासन सहयोगियों को अपना कार्य सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए अपना पूरा सहयोग दिया।
अग्रवाल ने बताया कि पिछले आठ सालों में सुशासन सहयोगियों ने 660 से अधिक अंत्योदय सरल केंद्रों को खोला। इसके लिए राष्ट्रपति द्वारा प्लेटिनम अवार्ड भी दिया गया। वर्तमान में 20 से ज्यादा सुशासन सहयोगी विभिन्न विभागों में सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं।
मनोहर लाल ने आईटी के प्रयोग से चलाई सरकार
राष्ट्रपति सचिवालय में अवर सचिव और सीएमजीजीए के पूर्व परियोजना निदेशक डा. राकेश गुप्ता ने आनलाइन स्थानांतरण नीति को लागू करने के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। गुप्ता ने कहा कि मनोहर लाल ने टेक-गवर्नेंस की बात की और आईटी के प्रयोग से सरकार चलाई। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक यशपाल यादव और चीफ फीडबैक आफिसर मोहित सोनी ने मनोहर लाल के साथ किए गए कार्यों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में अशोका विश्वविद्यालय सोनीपत के वीसी सोमक राय चौधरी, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि गौरव गोयल, विनीत गुप्ता और डा प्रमथ राज सिन्हा ने भी संबोधित किया। मनोहर लाल ने सीएमजीजीए के आठ वर्षों के कार्यों को दर्शाने वाली एक फिल्म और काफी टेबल बुक भी जारी की।