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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विधानसभा में दिखेंगे देवीलाल, बंसीलाल और राव बीरेंद्र के वंशज, 56 साल बाद भजनलाल परिवार से नहीं पहुंचा कोई सदस्य

    Updated: Thu, 24 Oct 2024 07:55 PM (IST)

    हरियाणा विधानसभा (Haryana Assembly Session) में इस बार पूर्व मुख्यमंत्रियों देवीलाल बंसीलाल और राव बीरेंद्र सिंह के परिवार के सदस्य दिखाई देंगे। अभय च ...और पढ़ें

    हरियाणा विधानसभा में दिखेगा तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का वंश।
    हरियाणा विधानसभा में दिखेगा तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का वंश।

    HighLights

    1. 56 सालों बाद भजनलाल के परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा विधानसभा
    2. देवीलाल के परिवार से अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल पहुंचे विधानसभा
    3. बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी और राव बीरेंद्र की पोती आरती सिंह राव पहुंचे सदन
    4. अभय सिंह चौटाला, दुष्यंत चौटाला और भव्य बिश्नोई की खलेगी कमी

    अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के परिवार का कोई सदस्य नजर नहीं आएगा। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. देवीलाल, चौधरी बंसीलाल और राव बीरेंद्र के परिवार के सदस्य इस बार विधानसभा में दिखाई देंगे।

    इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला के छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला की कमी भी विधानसभा में खलेगी, लेकिन उनके बेटे अर्जुन चौटाला पहली बार विधानसभा में नजर आएंगे।

    अभय चौटाला ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इस बार चुनाव हार गए हैं, लेकिन उनके बेटे अर्जुन चौटाला रानियां से चुनाव जीते हैं। अर्जुन ने अपने दादा रणजीत चौटाला को चुनाव हराया है। डबवाली से चुनाव जीतकर आदित्य देवीलाल भी विधानसभा पहली बार पहुंचेंगे, जो कि रिश्ते में अभय सिंह चौटाला के चचेरे भाई लगते हैं।

    कल 11 बजे से शुरू होगा विधानसभा का सत्र

    हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय सत्र शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इससे पहले सुबह 10 बजे विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायक व पूर्व स्पीकर डॉ. रघुबीर सिंह कादियान को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राजभवन में प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाएंगे।

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    इसके बाद कादियान सभी विधायकों को विधानसभा में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी पहली बार विधानसभा में दिखाई देंगी।

    श्रुति चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ से कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं, लेकिन उनके व उनकी मां किरण चौधरी के भाजपा में आने के बाद यह पहला मौका है, जब श्रुति विधानसभा में दिखेंगी।

    ओलंपिक खिलाड़ी विनेश फोगाट भी पहुंची विधानसभा

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह की पोती व केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी अटेली से विधायक आरती सिंह राव भी पहली बार विधानसभा में पहुंचेंगी। दादरी से विधायक बने सुनील सांगवान देशभर में पहले ऐसे विधायक हैं, जो जेल अधीक्षक पद से वीआरएस लेकर राजनीति में आए हैं।

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    उनके पिता सतपाल सांगवान हरियाणा के सहकारिता मंत्री रह चुके हैं। 14वीं विधानसभा में खिलाड़ी के तौर पर भारतीय हाकी टीम के कप्तान रहे सरदार संदीप सिंह पिहोवा से भाजपा के विधायक चुनकर पहुंचे थे। इस बार ओलंपिक खिलाड़ी विनेश फोगाट कांग्रेस की टिकट पर जुलाना से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।

    भजनलाल के परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा विधानसभा 

    हरियाणा में 56 वर्षों के बाद यह पहला मौका होगा, जब आदमपुर हलके से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के परिवार से कोई विधानसभा में नहीं होगा। इस बार भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई कांग्रेस के चंद्र प्रकाश के हाथों चुनाव हार गए।

    2019 की तरह इस बार भी विधानसभा में एक आईएएस (सेवानिवृत्त) की एंट्री हुई है। 2014 व 2019 में नांगल-चौधरी ने डॉ. अभय सिंह यादव भाजपा विधायक बने थे। इस बार वे चुनाव हार गए।

    विधानसभा में केवल तीन निर्दलीय विधायक 

    आईएएस सेवाओं से सेवानिवृत होने के बाद राज्य सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त रह चुके चंद्र प्रकाश इस बार आदमपुर से कांग्रेस विधायक बने हैं। यह पहला मौका है, जब सबसे कम मात्र तीन निर्दलीय विधायक विधानसभा में चुनकर आए हैं।

    इनमें हिसार से सावित्री जिंदल पहले भी दो बार विधायक व मंत्री रह चुकी हैं। बहादुरगढ़ से राजेश जून और गन्नौर से देवेंद्र कादियान पहली बार चुनाव जीते हैं। साढ़े चार साल तक पिछली भाजपा सरकार को समर्थन देने वाली जननायक जनता पार्टी का कोई नेता भी इस बार विधानसभा में नहीं दिखेगा।

    ताऊ देवीलाल के पड़पोते और ओमप्रकाश चौटाला को पोते दुष्यंत चौटाला इस बार उचाना से चुनाव हार गए और पांचवें नंबर पर रहे हैं।

    घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण का स्पीकर बनना तय

    विधानसभा में सभी विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के बाद स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होगा। करनाल जिले के घरौंडा से जीत की हैट्रिक लगाने वाले हरविंद्र कल्याण को भाजपा स्पीकर बना सकती है।

    रोड़ जाति से आने वाले हरविंद्र कल्याण सुलझे हुए राजनेता हैं और वे कभी विवादों में भी नहीं रहे। करनाल जिले की पांचों सीटों पर कमल का फूल विधानसभा चुनाव में खिला है। ऐसे में उनके स्पीकर बनने की प्रबल संभावना है।

    इसी तरह डिप्टी स्पीकर के लिए जींद से तीन बार के विधायक डॉ. कृष्ण मिढ्ढा का नाम भाजपा गलियारों में लिया जा रहा है। डिप्टी स्पीकर पद को लेकर तीन बार के विधायक विनोद भ्याना (हांसी) और घनश्याम दास अरोड़ा (यमुनानगर) का नाम भी चर्चाओं में है।

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