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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'SC ने दिया आदेश तब भी दोनों राज्‍यों में क्‍यों नहीं किया गया लागू', HC ने हरियाणा और पंजाब से मांगा जवाब

    By Dayanand SharmaEdited By: Himani Sharma
    Updated: Sat, 23 Sep 2023 01:07 PM (IST)

    Haryana News सुप्रीम कोर्ट का आदेश न मानने पर हाई कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब से जवाब मांगा है। पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए ...और पढ़ें

    SC ने दिया आदेश तब भी दोनों राज्‍यों में क्‍यों नहीं किया गया लागू
    SC ने दिया आदेश तब भी दोनों राज्‍यों में क्‍यों नहीं किया गया लागू

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 मार्च 2010 को यूटी प्रशासन को पत्र लिख पीसीए के गठन के आदेश दिए थे।
    2. जिला स्तरीय अथॉरिटी में भी रिटायर सेशन जजों को ही चेयरमैन होना चाहिए।

    चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो: हरियाणा व पंजाब में हाई कोर्ट ने पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को चंडीगढ़ की तर्ज पर लागू नहीं किए जाने पर हरियाणा और पंजाब से जवाब मांगा है। दोनों राज्यों ने इस मामले में जवाब देने के लिए समय की मांग की जिस पर कोर्ट ने सभी पक्षों को 30 जनवरी तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।

    पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन आज की समय में जरूरत

    याचिका में हाई कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार मामले मे कहा था कि पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन आज के समय की जरूरत हो गया है। ऐसे में सभी राज्यों और यूटी में इसका गठन किया जाए। कोर्ट ने कहा था कि केवल राज्य स्तर पर ही नहीं बल्कि जिला स्तर पर भी अथारिटी का गठन किया जाए।

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    यूटी प्रशासन को पत्र लिख पीसीए के गठन के आदेश दिए

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 मार्च 2010 को यूटी प्रशासन को पत्र लिख पीसीए के गठन के आदेश दिए थे। आदेश के अनुरूप यूटी प्रशासन ने यह अथारिटी गठित कर दी लेकिन हरियाणा व पंजाब सरकार ने ऐसा नहीं किया। हाई कोर्ट ने इसपर कहा कि यह हैरानी की बात है कि राज्य की राजधानी आदेश को लागू कर चुके हैं जबकि मुख्य राज्यों ने इसे अभी तक लागू नहीं किया है।

    अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई

    इसी विषय पर हाई कोर्ट के एडवोकेट एचसी अरोड़ा द्वारा जनहित याचिका में हरियाणा सरकार द्वारा जारी उस अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई है। जिसमें हरियाणा सरकार ने पुलिस कंप्लेंट अथारिटी के चेयरमैन व सदस्यों की नियुक्ति के बारे सुप्रीम कोर्ट के नियमों को ताक पर रख कर ब्यूरोक्रेट्स की नियुक्ति के लिए रास्ते खोल दिए।

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    जिला स्तरीय अथॉरिटी में भी रिटायर सेशन जजों को ही होना चाहिए चेयरमैन

    याचिका में अरोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार स्टेट लेवल पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी के चेयरमैन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा सुझाए गए रिटायर जजों के पैनल में से होना चाहिए। साथ ही जिला स्तरीय अथॉरिटी में भी रिटायर सेशन जजों को ही चेयरमैन होना चाहिए।

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    बावजूद इसके हरियाणा सरकार की ओर से ऐसी नोटिफिकेशन जारी की गई है जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की सीधे तौर पर अवमानना है क्योंकि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में 20 और 10 वर्ष के अनुभव वाले व्यक्ति को क्रमश राज्य और जिला स्तरीय अथॉरिटी के चेयमैन पद के लिए योग्य करार दिया है।