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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Farmers Protest: डल्लेवाल से मिलने खनौरी बॉर्डर जाएंगे अभय चौटाला, मुलाकात के बाद ले सकते हैं बड़ा फैसला

    Updated: Sun, 15 Dec 2024 08:15 PM (IST)

    इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला एमएसपी पर कानून बनाने और किसानों के कर्ज माफी जैसी मुख्य मांगों को लेकर पिछले 1 ...और पढ़ें

    खनौरी बॉर्डर जाएंगे इनेलो नेता अभय चौटाला। फाइल फोटो।
    खनौरी बॉर्डर जाएंगे इनेलो नेता अभय चौटाला। फाइल फोटो।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला एमएसपी पर कानून बनाने और किसानों के कर्ज माफी जैसी मुख्य मांगों को लेकर पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलने सोमवार को खनौरी बॉर्डर पर जाएंगे। इस दौरान इनेलो पार्टी के पदाधिकारी भी उनके साथ होंगे।

    अभय चौटाला ने कहा कि कैंसर की बीमारी से जूझ रहे जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत काफी नाजुक बनी हुई है। बावजूद इसके वे किसानों के लिए आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इनेलो का किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान वे पहले से ही कर चुके हैं।

    किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए इनेलो तैयार

    अब सोमवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलेंगे और एक बार फिर से किसान नेता अगर उनकी कोई बड़ी जिम्मेदारी लगाते हैं तो वहीं पर ही कोई बड़ा निर्णय भी लेंगे। चौटाला ने कहा कि अगर किसानों की मांगों को सरकार नहीं मानती तो किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए इनेलो का एक एक पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयार बैठा है।

    'किसान की आवाज को दबने नहीं देंगे'

    बता दें कि इससे पहले अभय सिंह चौटाला ने मीडिया से कहा था कि इनेलो ने गरीब, किसान, मजदूर के हितों को प्राथमिकता दी है। एक बार फिर पंजाब के किसानों की मांगों के प्रति इनेलो पूर्ण रूप से उनके समर्थन में है।

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    किसानों की सभी मांगों के प्रति संवेदनशील है और उनकी हर प्रकार से मदद करने के लिए तत्पर है। यदि पंजाब के धरनारत किसानों की ओर से इनेलो से मदद के लिए आह्वान किया गया तो इनेलो पूरी ताकत से उनकी हरसंभव मदद करेगी। हम किसान की आवाज को दबने नहीं देंगे। 

    तीसरी बार भी दिल्ली कूच नहीं कर सके किसान

    वहीं, दूसरी तरफ शंभू बॉर्डर पर दस माह से आंदोलन कर रहे किसान शनिवार को तीसरी बार भी दिल्ली कूच नहीं कर पाए। शनिवार दोपहर 12 बजे 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच के लिए रवाना हुआ, लेकिन हरियाणा पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया।

    बैरिकेडिंग के पास पहुंचे किसानों ने जाली तोड़ने की कोशिश की तो हरियाणा पुलिस ने पानी की बौछार कर दी। करीबी 30 आंसू गैस के गोले भी दागे। ढाई घंटे तक चले संघर्ष में करीब 17 किसान घायल हो गए। दोपहर ढाई बजे किसानों को लौटना पड़ा।

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