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गुरुग्राम DTP आरएस बाठ पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना, RTI अनदेखी पर आयोग का कड़ा फैसला

Published: Tue, 01 Sep 2026 01:26 PM (IST)

राज्य सूचना आयोग ने गुरुग्राम के जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

गुरुग्राम DTP आरएस बाठ पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना (प्रतीकात्मक फोटो)

गुरुग्राम DTP आरएस बाठ पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना (प्रतीकात्मक फोटो)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। गुरुग्राम में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अनधिकृत कब्जों के खिलाफ सख्त बुलडोजर कार्रवाई के लिए सुर्खियों में रहने वाले जिला नगर योजनाकार आरएस बाठ पर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।

आयोग ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान अथवा किसी उपयुक्त संस्थान में कानून के अनुसार कर्तव्य निर्वहन प्रशिक्षण दिलाने की सिफारिश करते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह आदेश राज्य सूचना आयुक्त डॉ अजय सुरा ने भारत जैन की याचिका पर जारी किया। मामला चार जनवरी 2022 को दाखिल सूचना का अधिकार अर्जी से है जिसमें नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से संबंधित विभिन्न नियमों, नीतियों और दिशा-निर्देशों से जुड़ी जानकारी का था।

विशेष रूप से वर्ष 2007 से 2016 के बीच स्वीकृत समूह आवासीय परियोजनाओं के लिए आंशिक कब्जा अथवा कब्जा प्रमाणपत्र जारी करने से संबंधित नियमों की जानकारी मांगी गई थी। आयोग ने 13 जुलाई 2023 को तत्कालीन जन सूचना अधिकारी को पूरी और बिंदुवार सूचना दो सप्ताह में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

साथ ही देरी को देखते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। इसके बावजूद मामला आगे भी खींचता रहा। आयोग के अनुसार आरटीआई आवेदन दाखिल होने के चार वर्ष से अधिक समय बाद भी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

आरएस बाठ राज्य लोक सूचना अधिकारी के तौर पर अपने जवाब में कहा था कि संबंधित अधिनियम, नियम, नीतियां और हरियाणा भवन संहिता विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा आवेदक को अभिलेखों का निरीक्षण करने का अवसर दिया गया था।

आयोग ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी नागरिक ने विशिष्ट सूचना मांगी है और वह लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध या उसके नियंत्रण में है तो जनसूचना अधिकारी को प्रत्येक बिंदु पर कानून के अनुसार जवाब देना होगा।

केवल वेबसाइट या सामान्य नियमों का हवाला देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं की जा सकती। आयोग ने यह भी कहा कि बाठ को कई अवसर दिए गए, लेकिन वह बार-बार सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। 30 जुलाई 2026 के आदेश के बाद भी उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग के निदेशक को निर्देश दिए गए थे।

आयोग ने कहा कि वैधानिक प्राधिकरण के निर्देश सलाह मात्र नहीं होते, बल्कि उनका पालन करना सरकारी पद से जुड़ा दायित्व है। सूचना आयोग ने बाठ के रवैये पर कड़ा रूख अपनाते हुए उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए राशि तीन महीने के भीतर जमा कराने का आदेश दिया है।

संबंधित विभाग को जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को आरएस बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान अथवा किसी उपयुक्त संस्थान में प्रशिक्षण दिलाने की सिफारिश की है।

प्रशिक्षण में कानून के अनुसार कर्तव्य निर्वहन, वैधानिक प्राधिकरणों के निर्देशों का पालन, संस्थागत अनुशासन, अभिलेख प्रबंधन और जनसेवा से अपेक्षित जवाबदेही जैसे विषय शामिल करने को कहा गया है।

वहीं, आवेदक भारत जैन को संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण करने का अंतिम अवसर दिया गया है। संबंधित जन सूचना अधिकारियों को सात दिन के भीतर निरीक्षण की तारीख, समय और स्थान की सूचना देनी होगी तथा 45 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।

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