हाई कोर्ट पहुंची हरियाणा के चनौत गांव की लड़ाई, गांववासियों ने परियोजना पूरी कराने को लेकर दर्ज की याचिका
हांसी शहर में अमृत 2.0 योजना के तहत बन रही पेयजल पाइपलाइन परियोजना ग्रामीणों के विरोध के कारण रुक गई है। शहर के नौ निवासियों ने परियोजना को फिर से शुर ...और पढ़ें

HighLights
हांसी पेयजल परियोजना अमृत 2.0 के तहत निर्माणाधीन है।
चनौत गांव के विरोध के कारण परियोजना का काम रुका।
शहर के नौ निवासियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। हांसी शहर तक पेयजल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत बनाई जा रही वाटर पाइपलाइन परियोजना का काम आंदोलन के कारण रुक जाने पर शहर के नौ निवासियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 16 मई 2026 से कुछ ग्रामीणों और अन्य निजी पक्षों के विरोध के चलते परियोजना का निर्माण कार्य ठप पड़ा है, जिससे शहर के लोगों को मिलने वाली पेयजल सुविधा प्रभावित हो रही है। याचिका के अनुसार केंद्र सरकार ने एक अक्टूबर 2021 को अमृत 2.0 योजना लागू की थी। इसके तहत वर्ष 2025 में हांसी शहर के लिए बरवाला ब्रांच से लगभग 27 किलोमीटर लंबी रा वाटर पाइपलाइन बिछाने की परियोजना स्वीकृत हुई।
परियोजना की अनुमानित लागत पहले 4.26 करोड़ रुपये दर्शाई गई, जबकि विस्तृत परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 61.44 करोड़ रुपये बताई गई है। 30 मई 2025 को ठेकेदार को कार्य आवंटित किया गया और अब तक लगभग 17 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
शेष 10 किलोमीटर कार्य गांव चानौत के पास विरोध के कारण रुका हुआ है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि गांव चानौत के कुछ लोग इसी मुख्य पाइपलाइन से अपने गांव के लिए टी-ज्वाइंट देकर पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, जबकि अमृत 2.0 योजना केवल शहरी क्षेत्र के लिए है और इसमें बीच रास्ते ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने का कोई प्रविधान नहीं है।