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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    किसानों को रास आ रही PM Kusum Yojana, 63733 ने लगवाए सोलर ट्यूबवेल; सरकार पर घटा बिजली सब्सिडी का बोझ

    By Sudhir TanwarEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Thu, 05 Oct 2023 02:32 PM (IST)

    घरेलू सोलर रूफटॉप योजना के तहत 500 वर्ग गज छत वाले लगभग 7700 घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली वितरण कंपिनयों के ग्रिड से जोड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर हरियाण ...और पढ़ें

    किसानों को रास आ रही पीएम कुसुम योजना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    किसानों को रास आ रही पीएम कुसुम योजना (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. किसानों के सोलर ट्यूबवेल लगवाने से प्रदेश सरकार पर घटा बिजली सब्सिडी का बोझ
    2. 44 करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली बची, साढ़े लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ

    चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। Haryana Solar Tube Well Scheme हरियाणा के किसानों में सोलर ट्यूबवेल पंप लगाने को लेकर उत्साह बढ़ा है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM Kusum Scheme) योजना के तहत प्रदेश में अब तक 63 हजार 733 किसान सोलर ट्यूबवेल लगवा चुके हैं। इससे सरकार पर बिजली सब्सिडी का बोझ भी घटा है।

    प्रदेश सरकार की ओर से हर साल किसानों को छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की बिजली सब्सिडी दी जाती है, जबकि सोलर पंप सेट लगाने के लिए 1603 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।

    3.5 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ

    मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि तीन एचपी (हॉर्स पावर) से 10 एचपी तक की क्षमता के 63 हजार 733 सौर पंप लगाने से 294 करोड़ रुपये की बचत हुई है। साथ ही 44 करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली बची और साढ़े लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ। पावर आफ-ग्रिड सौर पंप स्थापना में महाराष्ट्र के बाद हरियाणा दूसरे स्थान पर है।

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    घरेलू सोलर रूफटॉप योजना के तहत 500 वर्ग गज छत वाले लगभग 7700 घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली वितरण कंपिनयों के ग्रिड से जोड़ा गया है। इसके अलावा, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में घरेलू रूफटॉप सोलर के 1651 उपभोक्ताओं को जोड़ा गया है।

    इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को नवीन और नवीनीकरणीय उर्जा मंत्रालय द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। वर्तमान में हरियाणा में सालाना 84 लाख टन बायोमास का निर्माण किया जा रहा है जिसमें धान के भूसे का योगदान 70 लाख टन है।

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