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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'गीता-बबीता को क्यों नहीं भेजा?', विनेश को राज्यसभा भेजने वाले भूपेंद्र सिंह के बयान पर महावीर फोगाट का सवाल

    By Agency Edited By: Prince Sharma
    Updated: Thu, 08 Aug 2024 02:53 PM (IST)

    बुधवार को विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक के फाइनल कुश्ती मैच से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया और गुरुवार को विनेश ने कुश्ती से संन्यास ले लिया। विनेश का मुद् ...और पढ़ें

    भूपेंद्र हुड्डा ने कहा- अयोग्य घोषित करने का कारण क्या था, इसकी जांच होनी चाहिए
    भूपेंद्र हुड्डा ने कहा- अयोग्य घोषित करने का कारण क्या था, इसकी जांच होनी चाहिए

    HighLights

    1. संसद में गूंजा विनेश फोगाट का मामला
    2. भूपेंद्र हुड्डा ने कहा- बहुमत होता तो राज्यसभा भेजता
    3. इस बयान पर महावीर फोगाट ने भी सवाल किए हैं

    एएनआई, पंचकूला। पेरिस ओलंपिक के कुश्ती मैच के फाइनल में डिस्क्वालिफाई हुई विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) और बाद में उनके द्वारा कुश्ती से संन्यास को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में आज हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hooda) ने प्रतिक्रिया दी।

    पूर्व सीएम ने कहा कि विनेश का सम्मान एक स्वर्ण पदक विजेता की तरह होना चाहिए। उनके साथ गलत हुआ नहीं तो देश के लिए वह पक्का गोल्ड लेकर आती। भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उन्हें वह अयोग्य घोषित करने का कारण क्या था। इसकी जांच होनी चाहिए।

    मैं होता तो राज्यसभा भेजता: भूपेंद्र सिंह

    उनसे जब सवाल पूछा गया कि अगर आप उनकी जगह होते तो क्या करते। इसके जवाब में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट खाली है। यदि मेरे पास बहुमत होता तो मैं उन्हें राज्यसभा में भेजता। इससे अन्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता।

    वहीं, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर विनेश फोगाट के कोच और ताऊ महावीर फोगाट ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम ने विनेश को राज्यसभा में भेजने की बात कही तो फिर गीता फोगाट को क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा...

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    यह एक राजनीतिक स्टंट है, आज भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि विनेश को (राज्यसभा में) भेजना चाहिए, लेकिन गीता फोगाट को क्यों नहीं भेजा गया उनकी सरकार के दौरान राज्यसभा में जब 2005 और 2010 में राष्ट्रमंडल खेल हुए थे, तब बबीता फोगाट ने रजत पदक जीता था और गीता फोगाट ने स्वर्ण पदक जीता था।

    गीता ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली महिला पहलवान बनीं, उस समय हुड्डा की सरकार थी और गीता और बबीता को डीएसपी बनाया जाना था, लेकिन हुड्डा साहब ने भेदभाव किया और गीता को इंस्पेक्टर और बबीता को सब-इंस्पेक्टर बना दिया। इसके बाद हमने मामला दायर किया और मामला अदालत के माध्यम से सुलझ गया।

    वहीं, विनेश फोगाट के संन्यास लेने पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विनेश ने भली ही संन्यास लेने की बात कही है। लेकिन पूरे देश को यकीन है कि देश की यह बेटी एक बार फिर उठेगी और लड़ेगी। सुरजेवाला ने कहा...

    यह देश का दुर्भाग्य है कि खेल मंत्री कह रहे हैं कि 17 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। क्या 17 लाख रुपए खर्च कर इस देश के लिए सम्मान और मेडल आ जाएगा।

    सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि विनेश हमारी बेटी है, हरियाणा की बेटी है, पूरे देश की बेटी है। उस बेटी के हर तरह का संघर्ष सभी ने देखा है, उन्हें सड़क पर घसीटा गया इसके बावजूद वो हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने साबित करके दिखाया, उस बेटी के हाथ से ये मेडल छीना गया है।

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