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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'इनका ही नहीं हमारा भी हक है', चंडीगढ़ में नई विधानसभा के लिए जमीन मिलने पर हरियाणा-पंजाब के बीच रार

    Updated: Thu, 14 Nov 2024 06:03 PM (GMT+05:30)

    हरियाणा को चंडीगढ़ में नई विधानसभा के लिए जमीन मिलने से पंजाब में सियासी घमासान मच गया है। पंजाब भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार के फैसले ...और पढ़ें

    हरियाणा को विधानसभा के लिए जमीन मिलने पर पंजाब और हरियाणा के नेताओं के बीच घमासान
    हरियाणा को विधानसभा के लिए जमीन मिलने पर पंजाब और हरियाणा के नेताओं के बीच घमासान

    HighLights

    1. पंजाब भाजपा समेत सभी राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
    2. हरियाणा की ओर से अनिल विज और किरण चौधरी ने संभाला पंजाब के विरुद्ध मोर्चा

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्रशासित राज्य चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए जमीन की स्वीकृति मिलने के बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है। पंजाब भाजपा समेत वहां के सभी राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार के हरियाणा को चंडीगढ़ में विधानसभा के लिए जमीन देने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

    हरियाणा सरकार ने कहा है कि चंडीगढ़ पर सिर्फ पंजाब का ही हक नहीं है। चंडीगढ़ हरियाणा की भी राजधानी है, इसलिए पंजाब के राजनीतिक दलों को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

    11 नवंबर को जारी किया नोटिफिकेशन

    हरियाणा विधानसभा की नई बिल्डिंग बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 11 नवंबर को गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया है। हरियाणा को चंडीगढ़ के आइटी पार्क के पास जमीन मिली है, यह एरिया पंचकूला से सटा हुआ है।

    इसकी एवज में हरियाणा ने भी चंडीगढ़ को जमीन दी है। पंजाब भाजपा के दिग्गज नेता सुनील जाखड़ ने हरियाणा सरकार को चंडीगढ़ में नई विधानसभा के लिए जमीन देने का विरोध करते हुए कहा कि चंडीगढ़ हमारे लिए सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है। इसके साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई है।

    प्रधानमंत्री ने पंजाब को अतीत में मिले घावों पर मरहम लगाने के कई प्रयास किए हैं, लेकिन हरियाणा को चंडीगढ़ में विधानसभा भवन के लिए अलग जगह अलॉट करने से लोगों को ठेस पहुंचेगी। उन्हें इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।

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    जमीन का अलॉटमेंट रुकवाने की हुई मांग

    जाखड़ ने सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में दखल देकर जमीन की अलॉटमेंट रुकवाने की मांग की है। पंजाब की आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल ने भी हरियाणा को चंडीगढ़ में जमीन देने का विरोध किया है।

    हरियाणा के परिवहन, ऊर्जा और श्रम मंत्री अनिल विज ने बृहस्पतिवार को पंजाब के राजनीतिक दलों के इस विरोध को सिरे से खारिज किया है।

    विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के बीच अनिल विज मीडिया गैलरी में पहुंचे और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का तब है, जब हिंदी भाषी क्षेत्र हरियाणा को दे दिए जाएंगे।

    हमें पानी नही मिलेगा तो हमारा अधिकार: अनिल विज

    विज ने कहा कि जब तक हमें सतलुज यमुना लिंक नहर का पानी नहीं मिलेगा, तब तक चंडीगढ़ के ऊपर हमारा अधिकार है। हम चंडीगढ़ में तभी तक बैठे हुए हैं, क्योंकि जो दोनों राज्यों के बीच समझौता हुआ है, पंजाब उसे लागू ही नहीं कर रहा है, तो चंडीगढ़ किस प्रकार से पंजाब का हुआ।

    अनिल विज ने कहा कि जिस समय पंजाब और हरियाणा अलग हुए, तो उस समय हरियाणा को इसमें (वर्तमान विधानसभा परिसर) एडजस्ट किया गया। अभी हरियाणा में 90 सदस्य हैं, अगला परिसीमन बनाया जाता है तो ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि 126 सदस्य हो जाएंगे।

    वर्तमान विधानसभा में 120 सदस्यों के बैठने की जगह नहीं हैं। इसके लिए और जगह चाहिए और इस संबंध में पहले से ही हमने तैयारी कर रखी है।

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    चंडीगढ़ किसी एक की बपौती नहीं: किरण चौधरी

    हरियाणा से भाजपा की राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने कहा कि चंडीगढ़ किसी एक की बपौती नहीं है। चंडीगढ़ यूनियन टेरिटरी है। यहां शुरू से हमारा 60:40 का अनुपात है। हमें तो वह भी नहीं मिला। हमने चंडीगढ़ को 12 एकड़ जमीन दी है और उसकी एवज में 10 एकड़ में हमारी विधानसभा बन रही है।

    इससे पंजाब को क्या आपत्ति है। यह तो राजनीतिक शोर-शराबा है। सच्चाई यह है कि परिसीमन होने वाला है। इसमें पंजाब और हरियाणा, दोनों की सीटें बढ़ेंगी। इस बिल्डिंग के अंदर काम नहीं हो सकता।

    किरण ने कहा कि सुनील जाखड़ की राजनीतिक मजबूरी है कि वे पंजाब में रहकर हरियाणा को जमीन देने का विरोध कर रहे हैं। उन्हें पंजाब की बात करनी ही पड़ेगी।

    पंजाब के इन नेताओं ने किया हरियाणा को जमीन देने का विरोध

    पंजाब सरकार की पूर्व मंत्री एवं आप नेता अनमोल गगन मान, पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने अलग-अलग बयानों में कहा है कि केंद्र सरकार ने पंजाब के हकों पर यह बहुत बड़ा डाका है।

    हरियाणा चंडीगढ़ में एक अलग विधानसभा बनाने की तैयारी में है। चंडीगढ़ पंजाब का है। 22 गांवों को उजाड़कर चंडीगढ़ बना है। हरियाणा को हमने लीज पर अपनी इमारतें दी हुई है। केंद्र हरियाणा की स्थायी विधानसभा बनाकर चंडीगढ़ को यूटी बनाना चाहता है।

    इसे हम होने नहीं देंगे। वड़िंग और कलेर ने पंजाब सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जब से भगवंत मान पंजाब के सीएम बने हैं, तब से केंद्र सरकार पंजाब के हकों का हनन कर रही है।

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