यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेड बॉडी रखकर प्रदर्शन करने पर तीन साल की जेल, हरियाणा विधानसभा में पास हुआ 'शव सम्मान विधेयक'
हरियाणा में शवों के साथ प्रदर्शन और पार्थिव शरीर की बेकद्री रोकने के लिए विधानसभा ने हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक पारित किया है। इस नए कानून ...और पढ़ें

HighLights
- राष्ट्रपति की हरी झंडी मिलते ही लागू होगा हरियाणा में नया कानून
- शव के साथ प्रदर्शन करने पर छह महीने से तीन साल तक की जेल
- पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में भी लाया गया था यह बिल
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में शवों के साथ प्रदर्शन और पार्थिव शरीर की बेकद्री रोकने के लिए बुधवार को विधानसभा में फिर से हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक पारित किया गया। अब यह बिल राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के माध्यम से मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की हरी झंडी मिलते ही नया कानून लागू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बिल को सदन पटल पर रखा। नए कानून के तहत शव के साथ सड़कों पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। अगर परिजन या रिश्तेदार शव को स्वीकार नहीं करते हैं तो संबंधित क्षेत्र के थानेदार अंतिम संस्कार कराएंगे। अगर कोई व्यक्ति या समूह शव के साथ प्रदर्शन करता है तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल तक कैद और एक लाख रुपये जुर्माना किया जाएगा।
पिछले साल भी लाया गया था यह विधेयक
पिछले साल भी विधानसभा के बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक-2024 सदन में पारित किया था।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की ओर से विधेयक को स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए बिल को वापस लौटा दिया।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और बीबी बतरा ने नए बिल पर चर्चा के दौरान सवाल किया कि सरकार बताए कि केंद्र सरकार ने पहले इस बिल को क्यों लौटा दिया था और अब इसमें क्या संशोधन किए गए हैं।
इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि तीन नए आपराधिक (Haryana Three Ne Criminal Laws) कानूनों भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होने के चलते नया विधेयक तैयार करना पड़ा है। कई मौके आए जब भड़े ने 20-25 दिन तक सड़कों पर शव को रखकर प्रदर्शन किया। किसी को भी शवों की बेकद्री का अधिकार नहीं है। इसलिए सरकार को नया कानून बनाना पड़ा है।
शव के साथ प्रदर्शन के लिए उकसाने वालों को भी होगी सजा
विधेयक के अनुसार शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करना अपराध होगा। अगर कोई व्यक्ति शव का सही तरीके से अंतिम संस्कार नहीं करता है तो उसे एक लाख रुपये तक जुर्माने के साथ तीन साल की सजा हो सकती है। इतना ही नहीं, उकसाने वालों को भी सजा होगी।
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शव लेने के लिए अगर परिजनों द्वारा ठोस कारण बताया जाता है तो शव के अंतिम संस्कार के समय को 24 घंटे तक के लिए भी बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेनी होगी। विधेयक में सम्मान के साथ शव का संस्कार 12 घंटों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। अगर किसी भी व्यक्ति ने शव की बेकद्री की तो थानेदार पार्थिव शरीर को कब्जे में लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अंतिम संस्कार कराएंगे।