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एक माह की हड़ताल से हरियाणा बेहाल, सफाई कर्मियों पर अब एस्मा लगाने की तैयारी; ड्यूटी पर लौटने के दिए निर्देश

Published: Sat, 05 Sep 2026 05:26 AM (IST)

हरियाणा सरकार ने हड़ताली सफाई कर्मचारियों, सीवरमैनों और अग्निशमन कर्मचारियों पर सख्ती शुरू कर दी है, 23 अग्निशमन कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गईं।

एक माह की हड़ताल से हरियाणा बेहाल। फोटो जागरण

एक माह की हड़ताल से हरियाणा बेहाल। फोटो जागरण

HighLights

  1. 23 हड़ताली अग्निशमन कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त।

  2. 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का सफाई कर्मियों को अल्टीमेटम।

  3. सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) का हवाला दिया।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में महीनेभर से चल रही सफाई कर्मचारियों, सीवरमैनों और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल पर अब राज्य सरकार ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय ने 23 हड़ताली कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। इनमें से 13 कर्मचारी पालिका रोल पर, जबकि 10 एचकेआरएनएल के तहत लगे थे।

उधर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम आयुक्तों और जिला नगर आयुक्तों को हड़ताली सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों की पांच सितंबर (शनिवार) तक ड्यूटी पर वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने सफाई व्यवस्था को आवश्यक सेवा बताते हुए हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) 1974 के प्रविधानों का भी हवाला दिया है।

दूसरी ओर, करीब एक माह से सफाई व्यवस्था बाधित होने का सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मुख्य सड़कों के साथ सेक्टरों और कालोनियों में भी नियमित सफाई प्रभावित है।

कूड़ा जमा होने से दुर्गंध और संक्रमण की आशंका बढ़ी है। गुरुग्राम जैसे शहर में प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के मुकाबले उठान काफी कम रहने की रिपोर्ट है। फरीदाबाद में भी इसी तरह कूड़ा उठान प्रभावित है। ऐसे में निजी एजेंसियों की वैकल्पिक व्यवस्था भी समस्या का पूरा समाधान नहीं कर पा रही।

पिछले वर्ष दीपावली के आसपास भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहरी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद इस बार लंबे आंदोलन के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था समय रहते तैयार नहीं हो सकी।

अब सरकार के अल्टीमेटम और कर्मचारियों के आंदोलन जारी रखने के रुख के बीच अगले कुछ दिन निर्णायक होंगे। कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को पुलिस कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों ने थाने का घेराव भी किया, जिससे टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

इन कर्मचारियों की सेवाएं की गईं समाप्त

सतीश कुमार और राजेश कुमार (दमकल केंद्र बहादुरगढ़), सत्यवान (नरवाना), नरेंद्र सिंह (धारूहेड़ा), सुरेश कुमार (आइएमटी बावल), राजेश कुमार (सिरसा), प्रदीप कुमार (हिसार), रणबीर (पानीपत), सोनू (रोहतक), कुलविंद्र सिंह (कुरुक्षेत्र), महावीर (करनाल), रिंकू कुमार (जगाधरी) और रणजीत (दमकल केंद्र सेक्टर-15, फरीदाबाद)।

इसी तरह एचकेआरएन के माध्यम से दमकल केंद्रों पर तैनात बलविंद्र (उद्योग विहार, गुरुग्राम), अभिषेक और कमल कांबोज (यमुनानगर), सुरेंद्र (पिंजौर), दीपक (हांसी), नरेश कुमार और प्रवीण कुमार (करनाल), जोनी (कैथल), जितेंद्र (सेक्टर-29, गुरुग्राम) और गौरव ठाकरान (सेक्टर-37, गुरुग्राम) की सेवाएं समाप्त की गई हैं।

इन कर्मचारियों पर गैरकानूनी तरीके से यूनियन गतिविधियों में शामिल होने, हड़ताल में भाग लेने, दूसरे कर्मचारियों को भी हड़ताल में शामिल होने के लिए उकसाने और विभागीय काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

नियमितीकरण को लेकर है गतिरोध

सरकार का दावा है कि कर्मचारियों की 13 मांगों में से 12 स्वीकार की जा चुकी हैं। सबसे बड़ा गतिरोध नियमितीकरण को लेकर है। सरकार का तर्क है कि नियमितीकरण में तकनीकी और कानूनी अड़चन है।

इसके बदले कर्मचारियों को 60 साल की उम्र तक सेवा सुरक्षा देने और वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। लेकिन कर्मचारी नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी वजह से छह अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन अब तक खत्म नहीं हुआ है।