यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: कांग्रेस ने उठाया MSP पर कपास नहीं खरीदने का मुद्दा, नायब सरकार ने 2 घंटे बाद जारी किए खरीद आदेश
Haryana News हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की आपत्ति के बाद बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस ने कपास को एमएसपी पर नहीं खरीदने का मुद्द ...और पढ़ें

HighLights
- एक अक्टूबर से 20 मंडियों में कपास की खरीद।
- भारतीय कपास निगम करेगा एमएसपी पर कपास की खरीद।
- सोयाबीन, मक्का और ज्वार खरीदने की जिम्मेदारी हैफेड को।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने शुक्रवार को कपास की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों से उनकी फसल एमएसपी पर खरीदने की घोषणा से मुकर गई है, क्योंकि कपास की फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है।
आफताह अहमद की इस आपत्ति के तुरंत बाद सरकार ने आनन-फानन में अधिकारियों की बैठक बुलाकर एक अक्टूबर से 20 मंडियों में कपास की खरीद करने के आदेश जारी कर दिए। भारतीय कपास निगम के माध्यम से कपास की खरीद एमएसपी पर की जाएगी।
किसानों को फसल खरीद में नहीं आएगी दिक्कत
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. राजा शेखर वुंडरू की अध्यक्षता में शुक्रवार को कपास खरीद की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई।
वुंडरू ने बताया कि भारतीय कपास निगम और प्रदेश सरकार द्वारा खरीद के लिए सभी प्रकार की तैयारियां कर ली गई हैं, जिससे किसानों को फसल खरीद में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
बैठक में अन्य फसलों की खरीद के लिए भी एजेंसियां नामित की गई। सोयाबीन, मक्का और ज्वार की शत-प्रतिशत खरीद हैफेड द्वारा की जाएगी। अन्य फसलों की खरीद हैफेड और अन्य खरीद एजेंसियों के माध्यम से 60:40 के अनुपात में की जाएगी।
कपास की दो किस्में नामत
मीडियम लांग स्टेपल 26.5- 27.0 तथा लांग स्टेपल 27.5- 28.5 हैं, जिनकी खरीद की जानी है। कपास खरीद के लिए भिवानी में सिवानी, ढिगावा व भिवानी, चरखी दादरी में चरखी दादरी शहर, फतेहाबाद में भाटू, भूना व फतेहाबाद, हिसार में आदमपुर, बरवाला, हांसी, हिसार व उकलाना, जींद में उचाना, कैथल में कलायत, महेंद्रगढ़ में नारनौल, रोहतक में महम तथा सिरसा में ऐलनाबाद, कालांवाली व सिरसा में खरीद केंद्र खोले गए हैं।