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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Oath Ceremony: अनिल विज को नायब कैबिनेट में मिली जगह, लगातार सातवीं बार बने विधायक; कभी बैंक में किया करते थे नौकरी

    Updated: Thu, 17 Oct 2024 02:19 PM (IST)

    हरियाणा के पूर्व मंत्री अनिल विज ने आज कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है। वे लगातार सातवीं बार विधायक बने हैं। अनिल विज को नायब सैनी के मंत्रिमंडल में शा ...और पढ़ें

    Haryana Oath Ceremony: अनिल विज ने ली कैबिनेट मिनिस्टर की शपथ।
    Haryana Oath Ceremony: अनिल विज ने ली कैबिनेट मिनिस्टर की शपथ।

    डिजिटल डेस्क, अंबाला। Haryana Cabinet Ministers List 2024: हरियाणा के पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल विज ने अपनी नई पारी की शुरुआत की है। नायब कैबिनेट में अनिल विज (Anil Vij Profile) को शामिल किया गया है। अनिल विज अंबाला छावनी से शानदार जीत दर्ज की है। वे लगातार सात बार विधायक बने हैं। नायब सैनी ने आज (गुरुवार) हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। 

    उनके साथ कई मंत्रियों ने शपथ ली है। उनमें अनिल विज का भी नाम शामिल है। हालांकि, नायब सैनी जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब अनिल विज को कैबिनेट मिनिस्टर नहीं बनाया गया था। लेकिन मनोहर लाल सरकरा में अनिल विज गृह और स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।

    बैंक की नौकरी छोड़कर राजनीति में हुए थे शामिल

    अनिल विज ने बैंक की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा था। 1990 में अनिल विज पहली बार विधायक बने थे। उपचुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी। अनिल विज का जन्म 15 मार्च 1953 को हुआ था। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री ली है। उनके पिता का नाम भीम सेन है। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे।

    एसडी कॉलेज के दौरान अनिल विज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो गए। 1970 में वे एबीवीपी के महासचिव बन गए। इस दौरान उन्हें बैंक में नौकरी मिल गई। 16 साल तक उन्होंने बैंक में नौकरी की।

    अनिल विज की सियासी पारी

    बता दें कि 1990 में अंबाला कैंट से सुषमा स्वराज राज्यसभा की सदस्य चुनी गईं तो यह सीट खाली हो गई। अंबाला कैंट विधानसभा सीट खाली हो गई। कुछ दिनों बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ। अनिल विज ने चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की।

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    उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़कर चुनावी मैदान में कूद गए। किस्मत ने साथ दिया और पहली बार विधायक बन गए। 1991 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया।

    दो बार चुने गए निर्दलीय विधायक

    अनिल विज अंबाला कैंट से इतने मजबूत हो गए कि दो बार निर्दलीय चुनाव लड़े और दोनों बार जीत गए। 1996 और 2000 में अनिल विज ने निर्दलीय चुनाव जीते थे। 

    2009 में उन्होंने अंबाला कैंट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और शानरदार जीत दर्ज की। इसके बाद 2014, 2019 और 20214 में बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वे लगातार सात बार विधायक बन चुके हैं। 

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