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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana Politics: हुड्डा का कर्ज उतार रहे खट्टर, अकेले एचएसवीपी पर छोड़ गए थे 61 हजार करोड़ का बकाया

    By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 05:30 AM (IST)

    हरियाणा में बढ़ते कर्ज पर बार-बार श्वेत पत्र लाने की मांग करने वाले विपक्ष को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करारा जवाब दिया है। मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रे ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा, हमने 48 हजार करोड़ का कर्ज उतार दिया (फाइल फोटो)
    मुख्यमंत्री मनोहर लाल का दावा, हमने 48 हजार करोड़ का कर्ज उतार दिया (फाइल फोटो)

    चंडीगढ़,राज्य ब्यूरो। हरियाणा में बढ़ते कर्ज पर बार-बार श्वेत पत्र लाने की मांग करने वाले विपक्ष को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करारा जवाब दिया है। मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस के पिछले शासनकाल में विभिन्न सरकारी विभागों पर कई हजार करोड़ रुपये का भारी कर्ज था, जो भूपेंद्र सिंह हुड्डा छोड़कर गए।

    वर्तमान बीजेपी सरकार ने सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए खराब की हुई व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का काम किया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर पिछली सरकार 61 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई थी, जिसमें से भाजपा सरकार ने 48 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उतारा जा चुका है।

    बाकी 13 हजार करोड़ रुपये अभी बकाया हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर 61 हजार करोड़ का कर्ज बकाया था, जिसमें से 42 हजार करोड़ रुपये किसानों की देनदारी थी और 19 हजार करोड़ रुपये बैंकों का कर्ज था।

    हमने व्यवस्था परिवर्तन के नाते इसे ठीक किया। वर्तमान में किसानों के बकाया 42 हजार करोड़ रुपये में से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 36 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। 

    केवल छङ हजार करोड़ रुपये की राशि शेष है। इसी प्रकार 19 हजार करोड़ रुपये बैंक के कर्ज में से 12 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि केवल सात हजार करोड़ रुपये बची है। मनोहर लाल ने बताया कि विपक्षी सरकारों द्वारा पावर और एचएसआइआइडीसी जैसे विभागों में भी करोड़ों रुपए की देनदारियां छोड़ दी गई थी।

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    अगर वर्तमान सरकार इसको ठीक ढंग से ना लेती तो यह सभी विभाग दिवालिया हो जाते। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित में जो भी है वह हम करेंगे। बाक्स एक अक्टूबर से शुरू होगी खरीफ दलहन और तिलहन की खरीद हरियाणा में एक अक्टूबर से मूंग, मूंगफली, अरहर, उड़द और तिल की खरीद 100 से अधिक मंडियों में शुरू की जाएगी।

    मूंग की खरीद एक अक्टूबर से शुरू होगी और 15 नवंबर तक जारी रहेगी। मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक, अरहर, उड़द और तिल की खरीद 1 से 31 दिसंबर तक की जाएगी।

    मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में विपणन सत्र 2023-24 में इन फसलों की खरीद की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। हरियाणा में इस वर्ष 30,412 टन मूंग, 2,784 टन अरहर, 90 टन उड़द, 126 टन तिल और 7,711 टन मूंगफली का उत्पादन होने का अनुमान है।

    प्रदेश में इन फसलों की खरीद भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और खरीद प्रक्रिया में हैफेड भी भाग लेगा। इन फसलों की खरीद के लिए विशेष रूप से 100 से अधिक मंडियां बनाई गई हैं।