हरियाणा में शामलात देह भूमि के आवंटन को लेकर सरकार का फैसला, डिप्टी कमिश्नर देंगे मालिकाना हक
हरियाणा में अब उपायुक्त शामलात देह भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक देंगे, जिससे विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की स्वीकृति की अनिवार्यता खत्म हो गई है।

हरियाणा में शामलात देह भूमि के आवंटन को लेकर सरकार का फैसला (फाइल फोटो)
HighLights
शामलात देह भूमि पर मालिकाना हक अब उपायुक्त देंगे
विकास एवं पंचायत विभाग निदेशक की स्वीकृति अनिवार्यता समाप्त
31 मार्च 2004 से पहले काबिज परिवारों को राहत
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्राें में शामलात देह भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक अब उपायुक्त देंगे। मालिकाना हक के लिए विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की स्वीकृति की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इससे 31 मार्च 2004 से पहले शामलात देह भूमि पर काबिज हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
विधि एवं विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग ने हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 अधिसूचित कर दिया है। पुराने नियमों के अनुसार विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को ही पात्र आवेदकों को शामलात देह भूमि देने का अधिकार था, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले ऐसी जमीन पर अपने घर बनाए थे।
वर्तमान प्रविधानों के अंतर्गत विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ग्राम पंचायतों को उसकी शामलात देह में स्थित भूमि, ऐसे आवेदकों, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर अपने घर बनाए थे, को बेचने की स्वीकृति प्रदान करने के लिए अधिकृत है।
अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर स्वीकृति की प्रतिक्षा में लंबित हैं। ऐसी स्वीकृति देने की प्रक्रिया को तेज करने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए वर्तमान में बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं, जिससे प्लाट हस्तांतरण की मंजूरी नहीं मिल पा रही।
इस समस्या से निपटने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 को संशोधित करने के लिए हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पारित किया गया था। उपायुक्त को अधिकार मिलने से पंचायती जमीन पर मालिकाना हक के लिए तेजी से फैसले लेने में मदद मिलगी और लंबित मामलों की संख्या कम होगी।
