पंचकूला क्लब फायरिंग की जांच में अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा, हरियाणा ATS की पहली बड़ी सफलता
पंचकूला के अलिफ लैला क्लब में हुई फायरिंग की जांच में अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस मामले ...और पढ़ें

हरियाणा एटीएस की गिरफ्त में आरोपित।
HighLights
पंचकूला क्लब फायरिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा।
हरियाणा एटीएस ने 7 आरोपितों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता पाई।
विदेश से ड्रोन द्वारा हथियार, मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। 13 सितंबर की अलसुबह पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में हुई फायरिंग मामले की जांच में अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह हरियाणा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) का सफलतापूर्वक सुलझाया गया पहला मामला है।
एटीएस के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 7 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
आरोपितों के कब्जे एवं निशानदेही पर एक एक्सयूवी गाड़ी, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक मोटरसाइकिल, एक यूएस निर्मित पिस्टल, एक 30 बोर पिस्टल, 3 कैश काउंटिंग मशीन, 5 मोबाइल फोन, 12 कारतूस और 529 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है।
शराब पीने के दौरान हुआ था विवाद
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि 13 सितंबर की अलसुबह अलिफ लैला क्लब में फायरिंग की घटना सामने आई थी। एक युवती घायल हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि पांच युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में क्लब पहुंचे थे।
क्लब में शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर उनका आपस में विवाद हो गया, जिसके बाद एक आरोपित ने गाड़ी से पिस्तौल निकालकर दो राउंड फायर कर दिए, जिससे एक युवती घायल हो गई।
तीन आरोपित मौके से किए थे काबू
तीन आरोपितों को घटना के समय मौके से ही काबू किया गया, एक अन्य को मोहाली और तीन को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत में हुई गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों की निशानदेही पर एक कैश काउंटिंग मशीन भी बरामद हुई।
पूछताछ और तकनीकी जांच में आरोपितों के अंतर्राष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़े होने के महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के कुछ हैंडलर विदेश, विशेषकर अमेरिका में बैठे हैं।
विदेश में बैठे हैंडलर ही आरोपितों को रहने की जगह ,वाहन और रूपये उपलब्ध करवाते है ताकि हथियार और नशीले पदार्थों एवं ड्रग्स मनी को हैंडलर द्वारा दी गई लोकेशन पर तस्करी कर सके। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को स्थानांतरित की गई। इसके बाद नेटवर्क से जुड़े आरोपितों को दबोचा गया।
ड्रोन से आने वाली खेप पहुंचाते थे आरोपित
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि यह नेटवर्क सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से पहुंचने वाली मादक पदार्थों की खेप, हथियारों तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री को निर्धारित ठिकानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय हैंडलरों का इस्तेमाल करता था।
नेटवर्क से जुड़े लोगों को इसके लिए वाहन और धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी। उन्होंने बताया कि एटीएस द्वारा पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन, फाइनेंशियल ट्रेल, हथियारों एवं मादक पदार्थों के स्रोत तथा विदेशों में बैठे हैंडलरों से संपर्क की गहनता से जांच की जा रही है।
आरोपितों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में आगे भी अन्य गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है।
