पंचकूला में रावण का पुतला नहीं हुआ तैयार, कारीगर उस्मान कुरैशी ने किया आस्था से खिलवाड़; डेढ़ लाख लेकर फरार
पंचकूला में दशहरा उत्सव से पहले रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले अधूरे रह गए हैं। पुतले बनाने वाला कारीगर ...और पढ़ें

सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में रावण के पुतले को अधूरा छोड़कर भागा कारीगर।
HighLights
पंचकूला सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में तैयारियां अधूरी।
रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले नहीं बने अभी तक।
आयोजक खुद पूरा करेंगे पुतलों का निर्माण कार्य।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। दहशरा उत्सव हिंदू लोगों की आस्था से जुड़ा है। सभी को 20 अक्टूबर का बेसब्री से इंतजार है और इसी बीच उनकी उम्मीदों को करारा झटका लगा है। धूमधाम से त्योहार मनाए जाने की खुशियां धूमिल सी हो गई हैं।
इसकी वजह है कि सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का अधूरा रहना। पुतले बनाने का ठेका लेने वाला कारीगर डेढ़ लाख रुपये लेकर फरार हो गया। पिछले तीन दिनों से आगरा निवासी कारीगर उस्मान कुरैशी और उसके साथियों के फोन बंद आ रहे हैं। यह महज चंद रुपयों का मामला नहीं है, बल्कि आस्था से जुड़ा मामला है।
श्री रामलीला युवा मंच की ओर से तीनों पुतले बनाने का ठेका ढाई लाख रुपये में दिया गया था। आयोजकों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले उस्मान अपनी टीम के साथ परेड ग्राउंड पहुंचा था और आठ दिन तक निर्माण कार्य किया।
अधिकांश काम पूरा करने के बाद उसने भरोसा दिया था कि बाकी काम दशहरे से चार दिन पहले आकर पूरा कर देगा। इसी भरोसे में आयोजक उसका इंतजार करते रहे, लेकिन शुक्रवार को न वह पहुंचा और न ही उससे संपर्क हो सका। उसके साथ आए कारीगरों के फोन भी बंद मिले।
आयोजकों ने खुद संभाली कमान
मंच के वरिष्ठ उपप्रधान प्रवीण गोयल ने बताया कि समय कम होने के कारण मंच की टीम खुद काम पूरा करेगी। पुतलों के चेहरे, हाथ और टांगों का काम पूरा करने के लिए वेल्डिंग टीम बुलाई गई है। कपड़े की व्यवस्था सदस्य कर रहे हैं।
पुतलों में आतिशबाजी भरने और उन्हें क्रेन की मदद से खड़ा करने का इंतजाम भी आयोजक खुद करेंगे। पूरे दशहरा आयोजन पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में पुतलों का काम अधूरा छोड़कर कारीगर के संपर्क से बाहर होने से तैयारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया है।
पुलिस को दी शिकायत, भव्य दशहरा कराने का संकल्प
श्री रामलीला युवा मंच ने इस मामले में सेक्टर-5 पुलिस को शिकायत दी है। मंच के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने कहा कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मंच ने भव्य दशहरा मनाने का संकल्प लिया है और अब पुतलों को पहले से भी अधिक भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि चुनौतियों के बावजूद दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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शालीमार ग्राउंड में आज खड़ा हो जाएगा 221 फीट का पुतला
दूसरी तरफ, शालीमार ग्राउंड में भी दशहरा उत्सव का आयोजन होना है। यहां पर रावण के 221 फीट के पुतले का दहन होगा। पुतले बनाने का ठेका तंजिदर सिंह ने लिया है। शनिवार शाम को रावण के पुतले को जेसीबी व क्रेन की मदद से खड़ा कर दिया गया है।
खासियत यह है कि सिर पर 58 फीट का मुकुट, चेहरा 25 फीट, गर्दन 8 फीट और धड़ 90 फीट, पैरों की ऊंचाई 40 फीट, जूतियों की ऊंचाई दस फीट, रावण के हाथ में तलवार 50 फीट, जूते की लंबाई 40 फीट है।
तेजिंदर सिंह पंचकूला की तरह दिल्ली में भी तेजिंदर सिंह 221 फीट का रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं, जबकि देहरादून में इसकी ऊंचाई 181 फीट रखी गई है।
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