हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मियों का मानदेय 2100 रुपये बढ़ा, अब हर महीने मिलेगी 18100 सैलरी
हरियाणा सरकार ने 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों के मानदेय, भत्तों और सामाजिक सुरक्षा में बढ़ोतरी की है। अब उन्हें 18,100 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
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हरियाणा के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मियों का 2100 रुपये मानदेय बढ़ा।
HighLights
मासिक मानदेय 16 हजार से बढ़कर 18,100 रुपये हुआ
बाहर ड्यूटी पर 200 रुपये दैनिक भत्ता मिलेगा
ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी सफाई कर्मियों की हड़ताल के बाद राज्य सरकार ने वीरवार को प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए मानदेय, भत्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। ग्रामीण सफाई कर्मियों की 29 मई, 2026 को हुई बैठक में उठाई गई मांगों के बाद सरकार ने राहत पैकेज को मंजूरी दी है।
हरियाणा में करीब 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारी हैं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ इन कर्मचारियों के आर्थिक हितों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद जनवरी 2026 से ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार 100 रुपये किया गया है।
जनवरी से जून 2026 तक बढ़े हुए मानदेय का 2,100 रुपये प्रतिमाह का बकाया भी दिया जाएगा। अक्टूबर 2023 के हड़ताल अवधि के बकाया मानदेय का भुगतान भी पात्र कर्मियों को रिकार्ड सत्यापन के बाद किया जाएगा। इनमें ढांड के 48, फरुखनगर के 54, सिहमा के 25 और निजामपुर के 15 कर्मी शामिल हैं।
बाहर गांव ड्यूटी पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता, वर्दी और धुलाई भत्ता भी बढ़ा
अपने गांव से बाहर ड्यूटी लगने पर ग्रामीण सफाई कर्मियों को बीडीपीओ कार्यालय के पेटी खर्च से 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। वार्षिक वर्दी भत्ता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये और धुलाई भत्ता 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है।
परिजनों को सामाजिक सुरक्षा
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी अहम प्रविधान किया है। ड्यूटी के दौरान कर्मी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
इसके अलावा बीडीपीओ कार्यालय मृतक कर्मी के परिवार को ईपीएफ/ईएसआई डेथ क्लेम की औपचारिकताएं पूरी कराने में सहायता करेगा, ताकि निजी एजेंसियों के माध्यम से परिवारों के शोषण की आशंका न रहे।
मानदेय के भुगतान में देरी तो पांच सौ रुपये जुर्माना
मानदेय भुगतान में देरी रोकने के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। अब ग्रामीण सफाई कर्मियों का मानदेय हर महीने की सात तारीख तक जारी करना अनिवार्य होगा। इसमें देरी होने पर 500 रुपये का जुर्माना देय होगा।
बेदी ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से ग्रामीण सफाई कर्मियों को आर्थिक राहत के साथ काम के दौरान सुरक्षा और उनके परिवारों को सामाजिक संरक्षण मिलेगा।
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