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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Haryana News: खुशखबरी! सेक्टरों और कॉलोनियों ने अब बना सकेंगे चौथी मंजिल, सरकार ने हटाई सशर्त रोक

    Updated: Tue, 02 Jul 2024 04:25 PM (GMT+05:30)

    हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने अब सेक्टरों और कॉलोनियों वासियों को बड़ी राहत दी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर एवं आयोजना विभाग ने चार ...और पढ़ें

    सेक्टरों और कॉलोनियों ने अब बना सकेंगे चौथी मंजिल (फाइल फोटो)।
    सेक्टरों और कॉलोनियों ने अब बना सकेंगे चौथी मंजिल (फाइल फोटो)।

    HighLights

    1. चार मंजिला भवन निर्माण पर लगी रोक हटी
    2. सरकार ने शहरों में स्टिल्ट पार्किंग पर भी हटाई रोक
    3. पड़ोसी के आनाकानी करने पर छह फीट जमीन छोड़कर कर सकेंगे चार मंजिल का निर्माण

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। शहरों में अब सेक्टरों और कॉलोनियों में चौथी मंजिल बनाई जा सकेगी। हालांकि इसके लिए पड़ोसी से सहमति लेनी होगी। पड़ोसी राजी नहीं हुआ तो उसकी साइड में छह फीट जमीन छोड़कर चार मंजिल का निर्माण करा सकेंगे। हालांकि, इस स्थिति में पड़ोसी को भी चौथी मंजिल बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

    हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर एवं आयोजना विभाग की लाइसेंसशुदा कॉलोनियों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर लगी रोक को सरकार ने सशर्त हटा लिया है। पुराने सेक्टरों व कॉलोनियों में केवल वहीं पर चार मंजिला भवन बनाया जा सकेगा, जहां 10 मीटर से चौड़ी सड़कें हैं। दीनदयाल उपाध्याय की कॉलोनियों व नए सेक्टरों में इसके लिए पड़ोसी की परमिशन की जरूरत भी नहीं होगी।

    मनोहर सरकार के समय पिछले साल की शुरुआत में ढाई मंजिल को बढ़ाकर पहले तीन और फिर स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिल तक भवन निर्माण की मंजूरी थी। चार मंजिला निर्माण पर प्रदेश के कई शहरों से लोगों ने आपत्तियां दर्ज करवाईं, जिसके बाद सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस पी राघवेंद्र राव की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर दिया।

    21 फरवरी 2023 को स्टिल्ट प्लस फोर भवनों के निर्माण पर लगी रोक

    साथ ही पिछले साल 21 फरवरी को स्टिल्ट प्लस फोर भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी। अब एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में शर्तों के साथ सेक्टरों व कॉलोनियों में चार मंजिला निर्माण को मंजूरी दे दी है।

    खबरें और भी

    नगर एवं आयोजना मंत्री जेपी दलाल ने मंगलवार को पत्रकारों के समक्ष नई नीति साझा करते हुए बताया कि जिन पुरानी कॉलोनियों में सीवरेज, पानी व बिजली आदि का प्रबंध चार मंजिला मकानों में रहने वाले 18 लोगों के हिसाब से होगा, वहां चार मंजिला भवनों के निर्माण को मंजूरी मिल सकेगी। पुराने सेक्टरों व कॉलोनियों में 250 वर्ग गज या इससे अधिक साइज के प्लाट में ही बेसमेंट बनाया जा सकेगा। इससे कम साइज के प्लाट में बेसमेंट की मंजूरी नहीं मिलेगी।

    दीनदयाल कॉलोनियों में कोई शर्त नहीं

    विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता और निदेशक अमित खत्री के साथ पॉलिसी की विस्तृत जानकारी देते हुए जेपी दलाल ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत शहरों में विकसित कॉलोनियों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर किसी तरह की रोक नहीं रहेगी। ऐसी कॉलोनियों में नौ मीटर चौड़ाई की सड़कों पर भी चार मंजिला निर्माण हो सकेगा।

    इतना ही नहीं, इन कॉलोनियों में सरकार ने बेसमेंट के लिए तय प्लाट साइज की शर्तों को भी हटा दिया है। दीनदयाल उपाध्याय योजना की कालोनियों में 90 से 180 वर्ग गज तक साइज के ही प्लाट होते हैं। इन कॉलोनियों में सभी प्लाट धारक अगर चाहेंगे तो बेसमेंट का निर्माण कर सकेंगे।

    स्थानीय निकायों की कॉलोनियों में भी करा सकेंगे निर्माण

    एचएसवीपी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की लाइसेंसशुदा कॉलोनियों के अलावा शहरी स्थानीय निकायों और नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाली कालोनियों में भी स्टिल्ट पार्किंग के साथ तीन या चार मंजिला भवन का निर्माण हो सकेगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा तय की गई शर्तों के हिसाब से ही निकाय विभाग द्वारा भी इसकी परमिशन दी जाएगी। हालांकि निकाय विभाग इसके लिए अलग से गाइड लाइन जारी करेगा।

    नहीं गिराई जाएंगी चौथी मंजिल

    सरकार ने 21 फरवरी, 2023 को स्टिल्ड पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी कुछ लोगों व बिल्डरों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके आक्यूपेशन सर्टिफिकेट हासिल कर लिए। इसके हिसाब से उन्हें चौथी मंजिल भी बना ली। यह बात नोटिस में आने के बाद पिछले महीने विभाग ने चौथी मंजिलों को गिराने के आदेश दे दिए थे।

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    हालांकि बाद में सीएम नायब सिंह सैनी के दखल के बाद इन आदेशों को तुरंत रोक दिया गया। अब जेपी दलाल ने कहा कि चौथी मंजिलों को गिराया नहीं जाएगा। जिन लोगों ने चौथी मंजिल का निर्माण किया है, उनसे कुछ फीस ली जाएगी। इसके बाद उन्हें इसकी परमिशन दे दी जाएगी।

    पोर्टल पर होगी सारी जानकारी

    स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण को लेकर नगर एवं आयोजना विभाग ने एक पोर्टल भी बना दिया है। इस पोर्टल पर आवेदन करने वालों की पूरी जानकारी होगी। यह भी सार्वजनिक किया जाएगा कि किस-किस प्लाट धारक या बिल्डर ने स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण की परमिशन ली हुई है। इससे फ्लैट के खरीददार पोर्टल पर जांच सकेंगे कि जिस फ्लोर को वे खरीद रहे हैं, उसके निर्माण की मंजूरी मिली हुई है या नहीं।

    180 गज से कम प्लाट पर फ्लोर रजिस्ट्री नहीं

    पुराने सेक्टरों व कॉलोनियों में अब 180 वर्ग गज से अधिक साइज के प्लाट पर ही फ्लोर रजिस्ट्री की सुविधा होगी। इससे कम साइज के प्लाटों की फ्लोर वाइज रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। हालांकि दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत बनाई गई कॉलोनियों में हर साइज के प्लाट पर चार मंजिला निर्माण भी हो सकेगा और सभी फ्लोर की अलग-अलग रजिस्ट्री भी हो सकेगी।

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