पानीपत में एक दूजे के हुए 126 नवविवाहित जोड़े, ऑस्ट्रेलिया-कनाडा और न्यूजीलैंड से भी पहुंचे नवयुगल
समालखा के भोड़वाल माजरी में निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की उपस्थिति में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित हुआ।
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सामूहिक विवाह समारोह में देश-विदेश के 126 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे।
HighLights
भोड़वाल माजरी में 126 नवयुगलों का सामूहिक विवाह संपन्न
सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया
भारत सहित तीन विदेशी देशों के जोड़े हुए शामिल
जागरण संवाददाता, समालखा। निरंकारी संत समागम के उपरांत भोड़वाल माजरी के निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित की उपस्थिति में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 126 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे।
उन्होंने अपने दांपत्य जीवन का शुभारंभ किया। सभी ने सतगुरु माता से प्रेम, समर्पण एवं सुखमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद भी लिया। भारत के विभिन्न राज्यों सहित आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा से आए नवयुगलों ने इसमें सहभागिता की। सुसज्जित परिधान में नवविवाहित जोड़े काफी आकर्षक दिख रहे थे।
सामूहिक विवाह का शुभारंभ पारंपरिक जयमाला एवं निरंकारी सांझा-हार से हुआ। मिशन की प्रधान राजकुमारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को हार पहनाकर उनके सुखमय नवजीवन की मंगलकामना की।
हिंदी में भक्तिमय निरंकारी लावों का गायन हुआ, जिनमें विश्वास, सम्मान एवं समर्पण पूर्ण गृहस्थ जीवन की शिक्षाएं समाहित थीं। अंत में सतगुरु माता एवं निरंकारी राजपिता ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवृष्टि कर उन्हें सुख, शांति एवं आनंदमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।
सतगुरु माता ने कहा कि सामूहिक विवाह का भाव केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर जीवन जीने का ढंग बनना चाहिए। पति-पत्नी एक-दूसरे की जिम्मेदारियों को समान रूप से निभाते हुए प्रेम, विश्वास और तालमेल के साथ एक-दूसरे का पंख बनकर जीवन की हर परिस्थिति का सामना करें।
विवाह, जीवनभर प्रेम, आदर और समर्पण से निभाया जाने वाला पवित्र रिश्ता है, जिसे दोनों परिवारों के आपसी सम्मान और स्नेह से सुदृढ़ बनाया जा सकता है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को एक-दूसरे की कमियों को सहजता से स्वीकार करने तथा क्षमा और विनम्रता का भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
तीन विदेशी सहित इन प्रदेशों के जोड़ों ने रचाई शादी
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सहयोग से आयोजित इस समारोह में हरियाणा, पंजाब, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं पश्चिम बंगाल आदि के जोड़े शामिल हुए। भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर परिणय सूत्र में बंधे और एकत्व, समानता और वैश्विक भाईचारे की अनुपम मिसाल पेश की।
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