Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    90 लाख की सड़क 15 दिन में 64 जगह से टूटी, पानीपत मोहाली-बबैल रोड पर खुली घटिया निर्माण की पोल

    Updated: Mon, 19 Jan 2026 01:45 PM (IST)

    पानीपत में मोहाली-बबैल सड़क 90 लाख रुपये की लागत से नौ महीने में बनी, लेकिन 15 दिन में ही 64 जगह से टूट गई। पांच साल से खराब इस 1.5 किमी सड़क का शिलान ...और पढ़ें

    पांच साल से टूटी सड़क नौ महीने में 90 लाख से बनी, 15 दिन में 64 जगह से बिखरी

    पांच साल से टूटी सड़क नौ महीने में 90 लाख से बनी, 15 दिन में 64 जगह से बिखरी

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राजेन्द्र फोर, पानीपत। नई सड़कों में भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं। ताजा मामला सनौली खंड के गांव मोहाली से बबैल को जोड़ने वाली सड़क का आया है। छह गांवों को जोड़ने वाली करीब 1.5 किलोमीटर लंबी यह सड़क निर्माण होने के 15 दिन बाद ही 64 स्थानों से टूट गई। पांच साल तक टूटी रही सड़क का शिलान्यास विधायक मनमोहन भड़ाना ने पिछले वर्ष 17 जनवरी का किया था।

    विधायक बनने के बाद यह में उनका यह पहला शिलान्यास था। करीब नौ माह में सड़क का निर्माण पूरा हुआ। इस पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए गए। अब जगह-जगह भ्रष्टाचार की बजरी बिखरी है। राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। मोहाली से बबैल गांव में पढ़ने के लिए स्कूली बच्चे यहीं से आते-जाते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति से न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से प्रशासन तक शिकायत की है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

    अधिकारियों और ठेकेदार के अलग-अलग बोल रहे हैं। दोनों के ब्यानों में विरोधाभास आ रहा है। एक ओर विभाग निर्माण अधूरा बता रहा है, तो दूसरी ओर ठेकेदार निर्माणकार्य पूरा होने का दावा कर रहा है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इसकी जांच होने पर ही सही पता लग सकेगा।

    लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एएसडीओ कर्मबीर का कहना है कि सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। कुछ कार्य शेष है, जिन्हें शीघ्र पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति में सुधार होगा।

    सड़क बनाने वाले ठेकेदार अजय गुप्ता ने कहा कि सड़क का निर्माण छह महीने पहले ही पूरा हो चुका है। उनका कहना है कि ओवरलोडेड वाहनों के चलने से सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त हुई है। जैसे ही मौसम ठीक होगा टूटी हुई सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।

    बबैल गांव निवासी पिरथी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि सड़क पर फैली बजरी से दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। राहगीरों का कहना है कि निर्माण के बाद जगह-जगह से सड़क टूटने के कारण इस पर चलना जोखिम भरा हो गया है। कहीं गहरे गड्ढे बन गए हैं तो कहीं पत्थर और रोड़ी बिखरी हुई है।

    राहगीर राजेश ने बताया कि पांच वर्षों बाद मोहाली से बबैल तक सड़क बनी थी, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का यह हाल होना समझ से परे है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता की जांच नहीं की गई और अधिकारियों ने आंखें मूंदे रखीं।

    मोहाली गांव के सरपंच गुलशन कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण के सिर्फ 15 दिन बाद ही सड़क उखड़ने की शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ और एक्सईएन को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना को भी शिकायत देकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।