75 साल बाद डाकिए ने दी वही पुरानी दस्तक, सेनानियों की यादों से फिर महक उठे हरियाणा के घर; बच्चों के खत पढ़कर छलक आए आंसू
दैनिक जागरण के वीर वंदन अभियान के तहत पानीपत के विद्यार्थियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को लिखी चिट्ठियों ने उन्हें भावुक कर दिया।

तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
विद्यार्थियों की चिट्ठियों से स्वतंत्रता सेनानी परिवार हुए भावुक।
चिट्ठियों ने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाई।
अभियान ने नई पीढ़ी को देशभक्ति से जोड़ा, सम्मान बढ़ाया।
जागरण संवाददाता, पानीपत। दैनिक जागरण के वीर वंदन अभियान के तहत जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई चिट्ठियां जब स्वतंत्रता सैनानियों के परिवारों तक पहुंचीं तो भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।
वर्षों बाद डाक से आई इन चिट्ठियों ने परिवारों को अपने पूर्वजों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिला दी। चिट्ठियों में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
हर चिट्ठी का जवाब भेजेंगी
मॉडल टाउन निवासी स्वतंत्रता सेनानी क्रांति कुमार की बेटी उर्वशी और दामाद कमल नैन ने जब विद्यार्थियों की लिखी चिट्ठियां पढ़ीं तो वे भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को इस प्रकार याद करना गर्व की बात है।
चिट्ठियों में लिखे शब्दों ने उन्हें अपने पिता के संघर्षों की याद दिला दी। उर्वशी ने कहा कि वह हर बच्चे द्वारा लिखी गई चिट्ठियों के उनके पतों पर जवाब भेजेंगी।
चिट्ठियां पढ़कर मिली खुशी
बापौली निवासी स्वतंत्रता सेनानी करता राम की पत्नी जगमती, पौत्र रोहित, पौत्रवधू खुशी और पौत्री कामना ने भी चिट्ठियां पढ़कर खुशी व्यक्त की। परिवार के सदस्यों ने कहा कि विद्यार्थियों ने जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ अपने विचार व्यक्त किए हैं, वह आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा।
चिट्ठियां पढ़कर गर्व महसूस हुआ
अंसल निवासी स्वतंत्रता सेनानी मास्टर नंद लाल के पौत्र रवि कुमार ने बताया कि चिट्ठियों को पढ़ते समय ऐसा महसूस हुआ जैसे दादा जी के संघर्षों को समाज फिर से याद कर रहा हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे अभियान समय की आवश्यकता हैं।
विद्यार्थियों की भावनाओं को सराहा
सिठाना निवासी स्वतंत्रता सेनानी मांगे राम के पुत्र सतपाल सिंह ने विद्यार्थियों की भावनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिट्ठियों के माध्यम से युवाओं ने देश के वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त कर यह संदेश दिया है कि स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
पत्रों ने परिवार को गौरवान्वित किया
सेक्टर-18 निवासी स्वतंत्रता सेनानी हरदयाल ढींगड़ा के पुत्र महेश ढींगड़ा और पौत्र हर्ष ने भी चिट्ठियां पढ़ीं। उन्होंने कहा कि इन पत्रों ने परिवार को गौरवान्वित किया है और यह महसूस कराया है कि समाज आज भी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद करता है।
चिट्ठियां केवल शब्द नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान
पुरेवाल कालोनी निवासी स्वतंत्रता सेनानी हजारा सिंह के पुत्र शीशा सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई चिट्ठियां केवल शब्द नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने दैनिक जागरण के वीर वंदन अभियान को नई पीढ़ी को इतिहास और देशभक्ति से जोड़ने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया।
नई पीढ़ी की भावनाओं को किया नमन
परिवारों का कहना है कि इस अभियान ने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। विद्यार्थियों की भावनाओं से भरी इन चिट्ठियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश के वीरों का योगदान समय के साथ धुंधला नहीं पड़ता, बल्कि हर नई पीढ़ी उन्हें नए सम्मान के साथ याद करती है। सभी परिवारों ने नई पीढ़ी की भावनाओं को नमन किया।
