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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली नगर निगम में नौकरी का झांसा देकर 4.80 लाख रुपये की ठगी, युवक को दिया फर्जी नियुक्ति पत्र

    Updated: Thu, 02 May 2024 02:01 PM (IST)

    आरोपितों ने नौकरी के नाम पर युवक से चार लाख 80 हजार रुपये ठग लिए। रुपये वापस नहीं लौटाने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी है। आरोपितों द्वारा पीड़ित को ...और पढ़ें

    दिल्ली नगर निगम में नौकरी का झांसा देकर 4.80 लाख रुपये की ठगी
    दिल्ली नगर निगम में नौकरी का झांसा देकर 4.80 लाख रुपये की ठगी

    HighLights

    1. गांव बूढ़पुर के रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत
    2. आरोपितों ने पीड़ित को दी जान से मारने की धमकी

    जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। गांव बूढ़पुर के रहने वाले एक युवक ने चार लोगों पर दिल्ली नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है।

    आरोपितों ने नौकरी के नाम पर चार लाख 80 हजार रुपये ठग लिए। रुपये वापस नहीं लौटाने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी है। आरोपितों द्वारा पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई है। 

    पुलिस को दी शिकायत में गांव बूढ़पुर के रहने वाले ब्रह्मप्रकाश ने कहा है कि सोनीपत के गांव अगवानपुर का रहने वाला दीपक कुमार गांव कापड़ीवास में किराये पर रहता था। दीपक ने गांव कापड़ीवास के रहने वाले सुखबीर के बेटे को नौकरी लगाने का झांसा दिया।

    यह है मामला 

    दीपक ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों से उसके अच्छे संबंध है और वह नौकरी लगवा सकता है।जनवरी 2022 में सुखबीर व दीपक उनके घर आए थे और उसकी बेटी व साले को चार लाख 80 हजार रुपये में नौकरी लगाने का झांसा दिया।

    दीपक कुमार, जिला महेंद्रगढ़ के गांव हसनपुर के रहने वाले ललित यादव उर्फ लालू प्रसाद के अतिरिक्त निखिल शुक्ला व शिव कुमार उर्फ शिवचरण ने उनसे फोन-पे के जरिए अलग-अलग तिथियों में चार लाख रुपये ले लिए इसके अतिरिक्त 80 हजार रुपये नकद ले लिए।

    तीन मई 2023 तक नौकरी लगवाने का दिया था भरोसा

    आरोपितों ने तीन मई 2023 तक नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। आरोपितों ने सुखबीर के बेटे अंकित का फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर दे दिया। अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो नियुक्ति पत्र के फर्जी होने का पता लगा। मई 2023 तक नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे।

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    मार्च माह में आरोपितों ने रुपये देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। रुपये वापस नहीं लौटाने और धमकी देने पर ब्रह्मप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत दी। सदर थाना पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध ठगी व धमकी देने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।