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चीनी की जमाखोरी पर कसेगा शिकंजा, रेवाड़ी में 9 इंस्पेक्टरों की टीम रोजाना करेगी औचक जांच

Published: Tue, 25 Aug 2026 10:34 PM (IST)

रेवाड़ी में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। नौ अधिकारियों को ...और पढ़ें

चीनी की जमाखोरी पर कसेगा शिकंजा। AI जनरेटेड

चीनी की जमाखोरी पर कसेगा शिकंजा। AI जनरेटेड

HighLights

  1. रेवाड़ी में चीनी जमाखोरी रोकने को नौ अधिकारी तैनात।

  2. थोक व्यापारी 30 दिन से अधिक 400 क्विंटल चीनी नहीं रख सकते।

  3. अधिकारी रोजाना स्टॉक, बिल और रजिस्ट्रेशन की जांच करेंगे।

जागरण संवाददाता रेवाड़ी। रेवाड़ी जिले में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सख्त कदम उठाया है।

विभाग ने चीनी के थोक विक्रेताओं और डीलरों की जांच के लिए 9 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है, जिन्हें रोजाना निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

30 नवंबर तक कोई भी थोक व्यापारी, डीलर या प्रोसेसर किसी भी समय और किसी भी स्थान पर अपनी प्राप्ति की तिथि से 30 दिन से अधिक और 400 क्विंटल (4000 एमटी) से अधिक चीनी का स्टाक नहीं रख सकता।

इन इंस्पेक्टरों की लगाई गई है ड्यूटी

पीआर सेंटर रेवाड़ी की जिम्मेदारी मुकेश कुमार आइएफएस रेवाड़ी, भारत शर्मा आइएफएस रेवाड़ी और नितिन रोहिल्ला एसआइएफएस जाटूसाना को दी गई है। इसी प्रकार पीआर सेंटर कोसली व जाटूसाना में राजेश कुमार आइएफएस रेवाड़ी, राजबीर आइएफएस कोसली और राहुल एसआइएफएस कोसली निरीक्षण करेंगे।

वहीं, पीआर सेंटर बावल व धारूहेड़ा में सतेंद्र सिंह आइएफएस धारूहेड़ा, दीपक कुमार आइएफएस बावल और संदीप कुमार आइएफएस रेवाड़ी को तैनात किया गया है। सभी अधिकारी रोजाना निरीक्षण करेंगे।

वहीं, निरीक्षण के दौरान https://foodstock.dfpd.gov.in/ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और साप्ताहिक स्टाक अपडेट, मौके पर मिले वास्तविक स्टाक, लाट वाइज प्राप्ति तिथि, स्टाक रजिस्टर, इनवाइस, गेट पास और ई-वे बिल की जांच करेंगे।

गड़बड़ी मिलने पर तुरंत देनी होगी सूचना

निरीक्षण के दौरान किसी अधिकारी को यदि कोई उल्लंघन मिलता है तो तुरंत टेलीफोन पर सूचना देकर लिखित रिपोर्ट देनी होगी, ताकि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जा सके। सभी को रोजाना शाम पांच बजे तक डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट वॉट्सएप ग्रुप और ई-मेल पर भेजनी होगी। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

हमने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हुए हैं। वहीं अधिकारियों की तरफ से नियमित रूप से रिपोर्ट भी ली जा रही है। फिलहाल जिले में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। - नितीश सिंगला, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक