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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'किसानों की मांग पूरी तरह जायज, बॉर्डर पर क्यों रोका? सरकार जल्द से जल्द खत्म कराए अनशन'; भूपेंद्र हुड्डा का बयान

    By Arun kumar sharma Edited By: Jagran News Network
    Updated: Mon, 06 Jan 2025 06:05 PM (IST)

    किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरका ...और पढ़ें

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना। (फाइल फोटो)
    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 'अलोकतांत्रिक रवैया अपनाए हुए हैं बीजेपी सरकार'
    2. 'किसानों की मांगों का समाधान करें नायब सरकार'
    3. 'किसानों का जीवन सबके लिए अनमोल, मांगें जायज'

    जागरण संवाददाता, रोहतक। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत नाजुक बनी हुई है। अब इसे लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी बीजेपी की सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार इसपर पूरी तरह से अलोकतांत्रिक रवैया अपनाए हुए है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत बहुत नाजुक बनी हुई है। इसलिए सरकार को तुरंत उनकी मांगों का समाधान कर अनशन खत्म करवाना चाहिए। उनका जीवन सबके लिए अनमोल है। क्योंकि वो निजी स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि किसानों की उचित मांगों के लिए अनशन कर रहे हैं।

    हुड्डा ने कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह जायज और कई साल पुरानी है। खुद भाजपा ने एमएसपी का वादा करके किसान आंदोलन को खत्म करवाया था। इसलिए किसान दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बातचीत करना चाहते हैं लेकिन उन्हें गैर-प्रजातांत्रिक तरीके से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर रोका गया है।

    उधर, लोहारू में छात्रा की आत्महत्या के मामले में उन्होंने सीबीआई या सीटिंग जज की निगरानी में जांच करवाने की मांग की है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर नायब सैनी की सरकार को खरी-खरी सुनाई है। दरअसल, उन्होंने कानून व्यवस्था से लेकर विकास तक बीजेपी सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार को पूरी तरह से विफल बताया है।

    हुड्डा ने कहा, 'रोजगार देने में भी ये सरकार फिसड्डी साबित हुई है और प्रदेश में लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं। भाजपा ने प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया। 10 साल के कार्यकाल में बीजेपी ने हरियाणा में एक भी यूनिट बिजली उत्पादन नहीं बढ़ाया, न ही एक भी इंच मेट्रो या रेलवे लाइन को आगे बढ़ाया और ना ही कोई बड़ी परियोजना, संस्थान या उद्योग स्थापित किया। बावजूद इसके सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है यानी कर्ज लो और घी पियो।'

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    इतना ही नहीं हुड्डा ने एसवाईएल मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उनके मुताबिक, हरियाणा सरकार को कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर करना चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के हक में फैसला सुना चुकी है।

    इसे अमलीजामा पहनाने का काम केंद्र और प्रदेश सरकार का है। आज प्रदेश और केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार है। लेकिन आज तक प्रदेश सरकार ने ऑल पार्टी मीटिंग में हुए फैसले के मुताबिक प्रधानमंत्री से मिलने तक का समय नहीं मांगा और ना ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुकदमा दायर किया।

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