यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: बहादुरगढ़ से इनेलो-बसपा गठबंधन का प्रत्याशी घोषित, नफे सिंह के पुत्र जितेंद्र राठी को बनाया उम्मीदवार
हरियाणा में विधानसभा चुनाव में बहादुरगढ़ विधानसभा से इंडियन नेशनल लोकदल व बसपा प्रत्याशी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। आईएनएलडी ने पूर्व विधायक ...और पढ़ें

HighLights
- इनेलो-बसपा ने बहादुरगढ़ से उतारा अपना प्रत्याशी
- नफे सिंह राठी के बेटे जितेंद्र राठी को बनाया अपना उम्मीदवार
जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ (रोहतक)। इंडियन नेशनल लोकदल व बसपा गठबंधन के बहादुरगढ़ विधानसभा से पूर्व विधायक स्व. नफे सिंह राठी के पुत्र पार्षद जितेंद्र राठी प्रत्याशी होंगे। इसकी घोषणा रविवार को शहर के गौरेया पर्यटक केंद्र में आयोजित पत्रकारवार्ता में स्व. नफे सिंह राठी की पत्नी शीला राठी व परिवार के सदस्यों ने की है।
पिछले दिनों हुई पार्टी की बैठक में इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने नफे सिंह राठी के परिवार को विधानसभा चुनाव लड़ने की जिम्मेवारी सौंपी थी। इसके बाद परिवार ने आपसी विचार-विमर्श कर रविवार को जितेंद्र राठी के नाम की घोषणा की है।
प्रेस वार्ता के दौरान शीला राठी ने कहा कि स्व. नफे सिंह राठी बहादुरगढ़ को विकास की गति प्रदान करना चाहते थे और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बहादुरगढ़ में चहुंमुखी विकास कराया था, लेकिन भाजपा सरकार के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट होने के कारण नफे सिंह राठी की सरेआम हत्या की दी गई।
छह महीने बाद भी नहीं हो पाई राठी के हत्यारोपितों की गिरफ्तारी- शीला राठी
छह माह बीत जाने के बाद भी स्व. नफे सिंह राठी के हत्यारोपितों को गिरफ्तार नहीं किया गया। यहां तक कि साजिशकर्ता भी खुलेआम घूम रहे हैं। विधानसभा चुनाव में उनके पुत्र जितेंद्र राठी की जीत स्व. नफे सिंह राठी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ताकि बहादुरगढ़ से भय व भ्रष्टाचार को दूर किया जा सके और हलके का समूचा विकास कराया जा सके।
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हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट- जितेंद्र राठी
बहादुरगढ़ से इनेलो प्रत्याशी जितेंद्र राठी ने कहा कि बहादुरगढ़ समेत पूरे हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट हो चुकी है, जिस कारण जनता में भय का माहौल व्याप्त है। आज बहादुरगढ़ हलका विकास के मामले में वर्षों पीछे चला गया है।
गौरतलब है कि अभय चौटाला ने ऐलनाबाद से खुद चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके अलावा यमुनानगर से दिलबाग सिंह, रादौर से श्याम सिंह राणा, बहादुरगढ़ सीट से नफे सिंह राठी के परिवार के सदस्य व महेंद्रगढ़ से सुरेंद्र कौशिक को पार्टी टिकट देने की घोषणा की थी। इनमें से श्याम सिंह राणा ने टिकट की घोषणा के बाद पार्टी छोड़ दी थी।