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गणित को डिजिटल और रोचक... रोहतक के अनिल कौशिक को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, मां के साथ राष्ट्रपति से लिया सम्मान

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:00 AM (IST)

राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांघी, रोहतक के गणित शिक्षक अनिल कौशिक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।

रोहतक के अनिल कौशिक को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार। फोटो जागरण

रोहतक के अनिल कौशिक को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार। फोटो जागरण

HighLights

  1. गणित शिक्षक अनिल कौशिक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया।

  2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मां कृष्णा देवी संग सम्मान दिया।

  3. वर्चुअल मैथमेटिक्स लैब से गणित शिक्षण को डिजिटल बनाया।

जागरण संवाददाता, रोहतक। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांघी रोहतक के गणित शिक्षक अनिल कौशिक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के 82 उत्कृष्ट शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया।

शिक्षक अनिल कौशिक ने अपनी मां कृष्णा देवी के साथ राष्ट्रपति से यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त किया। वहीं पंचकूला में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में उनके पिता लक्ष्मीनारायण ने उनकी ओर से सम्मान ग्रहण किया। समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।

गणित शिक्षण को डिजिटल और प्रयोगात्मक स्वरूप

अनिल कौशिक गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषय को विद्यार्थियों के लिए रोचक और सरल बनाने के लिए किए गए नवाचारों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए हैं। उन्होंने विद्यालय में वर्चुअल मैथमेटिक्स लैब तैयार कर गणित शिक्षण को डिजिटल और प्रयोगात्मक स्वरूप दिया है।

कठिन गणितीय अवधारणाओं को केवल किताबों और रटने तक सीमित रखने के बजाय वह विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के उदाहरणों और आनलाइन प्रयोगों के माध्यम से समझाते हैं। उनके इस नवाचार ने न केवल विद्यार्थियों की गणित के प्रति रुचि बढ़ाई है, बल्कि कठिन विषय के प्रति उनके डर को भी कम किया है।

पीएम मोदी ने देशभर से पहुंचे शिक्षकों से संवाद भी किया

राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में अनिल कौशिक अपनी मां कृष्णा देवी, पत्नी ममता शर्मा व बेटे उद्भव और निशांत सहित अन्य स्वजनों के साथ पहुंचे थे। वहीं इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से पहुंचे शिक्षकों से संवाद भी किया।

शिक्षक अनिल कौशिक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों को बच्चों से बेहतर जुड़ाव बनाने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को अपने भीतर के बच्चे को भी जीवित रखना चाहिए। बच्चों में वास्तविक बदलाव लाने के लिए शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके जीवन का हिस्सा बनना होगा।

प्रधानमंत्री ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्क्रीन की लत कम करने के लिए बच्चों को खेलकूद, बाहरी गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना जरूरी है।