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'भैया ने अपनी किडनी देकर निभाया रक्षा का वचन', पढ़ें रोहतक के भाई-बहन की भावुक कर देने वाली कहानी

Published: Fri, 28 Aug 2026 12:54 PM (IST)

रोहतक के राजेश गुप्ता ने 2021 में अपनी छोटी बहन प्रियंका को किडनी दान कर उसकी जान बचाई। आज भी ...और पढ़ें

रोहतक में रहने वाले राजेश गुप्ता और उनकी छोटी बहन प्रियंका

रोहतक में रहने वाले राजेश गुप्ता और उनकी छोटी बहन प्रियंका

HighLights

  1. राजेश गुप्ता ने 2021 में बहन प्रियंका को किडनी दान की

  2. रोहतक के राजेश ने बहन की जान बचाकर रिश्ता निभाया

  3. भाई-बहन आज भी स्वस्थ और खुश, स्नेह का अटूट बंधन

प्रिया पंवार, रोहतक। भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल होता है। जब बहन पर कोई मुसीबत आती है तो भाई सुरक्षा कवच बन जाता है। रोहतक में रहने वाले राजेश गुप्ता इसी का जीता जागता उदाहरण हैं।

उन्होंने साल 2021 में एक किडनी देकर छोटी बहन की जान बचाई। दोनों भाई-बहन बिल्कुल स्वस्थ और अपनी-अपनी जिंदगी में काफी खुश हैं। बहन की एक काल पर राजेश उनके ससुराल पहुंच जाते हैं।

दरअसल, बाबरा मोहल्ला में रहते राजेश गुप्ता की छोटी बहन प्रियंका की शादी रेलवे रोड निवासी मनोज गोयल के साथ हुई थी। राजेश शहर के निजी कालेज में नौकरी करते हैं। उनकी बहन प्रियंका को किडनी से संबंधित बीमारी थी।

कोरोना काल के बाद उनकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी और उनका इलाज दिल्ली के द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर अस्पताल में चल रहा था।

प्रियंका के जेठ विकास गोयल ने बताया कि कोरोना काल में उनके भाई की पत्नी की जान बचाना काफी मुश्किल हो गया था। हमें कोई भी डोनर नहीं मिल रहा था।

इसी बीच राजेश आएं और उनका कहा कि वह अपनी किडनी देकर बहन की जान बचाएंगे। इस पर परिवार के लोगों ने सहमति जताई। राजेश की वजह से प्रियंका की जान बच गई और आज दोनों बहन-भाई पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

16 मार्च 2021 को भाई ने किड़नी देकर बचाई थी जान

राजेश गुप्ता ने बताया कि वह अपनी इकलौती बहन को उस हालत में नहीं देख सकते थे। ऐसे में उन्होंने 16 मार्च 2021 को अपनी किडनी देने का मन बनाया। बहन को 11 साल का एक बेटा है।

हर साल उनकी बहन रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए घर आती हैं। वह भगवान से ये ही दुआ करते हैं कि उनकी बहन हमेशा खुश रहे और स्वस्थ रहें।

भाई ने दी दूसरी जिंदगी

प्रियंका ने कहा कि उनके भाई ने उन्हें दूसरी जिंदगी दी है। यह उनके लिए दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा है। उसे मैं कभी नहीं भूल सकती। हर भाई को अपनी बहन के साथ खड़ा होना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए। वैसे भी लोगों को र्गन डोनेट करने चाहिए। इससे मेरे जैसे जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है।

प्रियंका को लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या किडनी की शुरुआती बीमारी की वजह से हुई थी। सही समय पर इलाज नहीं हो पाने से किडनी फेलियर तेजी से बढ़ा और शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा था। उन्हें अस्पताल में हफ्ते में तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ी और बाद में उनका किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। वह लगातार जांच के लिए अस्पताल आती हैं। एक भाई ने अपनी बहन की जान बचाई थी, इसलिए ये केस मुझे आज भी याद है। -डॉ. विक्रम कालरा, प्रिंसिपल डायरेक्टर नेफ्रोलाजी एंड किडनी ट्रांसप्लांटेशन, आकाश हेल्थकेयर, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारका।