Updated: Wed, 28 May 2025 12:07 PM (IST)
रोहतक में तेज आंधी से भारी नुकसान हुआ। 230 से अधिक पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूट गए। वन विभाग उखड़े पेड़ों को हटाने में जुटा है जिसे नर्सरी में रख ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, रोहतक। आंधी में उखड़े पड़ों को वन विभाग की ओर से तीसरे दिन भी हटाया गया। मंगलवार को भालौठ सब ब्रांच, बेरी रोड आदि क्षेत्रों से पेड़ों को हटाया गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंधी में उखड़े पेड़ों को हटाकर तय स्थान पर रखने में तीन से चार दिन लग जाते हैं।
बता दें कि शनिवार देर रात को आई तेज आंधी से जिला में 230 से अधिक पेड़ उखड़ गए थे। जबकि जिला में बिजली के 207 खंभे टूटे थे। जिसमें शहरी इलाके में 25 खंभे, ग्रामीण क्षेत्र के महम में 112, कलानौर में 50 व सांपला में लगभग 20 खंभे टूटे। बिजली निगम का दावा है कि खंभों को अगले दिनों में बदल दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंधी में में उखड़े पड़ों को हटाया गया है और उनको अपने क्षेत्रों की नर्सरियों में रखवाया है। जहां से वन विकास निगम की ओर से उनको उनकी तय जगह चमारिया रोड के निकट रखा जाएगा। आंधी में उखड़े उन पेड़ों सबसे पहले हटाया जाता है, जो मुख्य सड़क मार्ग पर गिरे होते हैं। उसके बाद नहर किनारे आदि अन्य जगहों पर गिरे पेड़ हटाते हैं।
मरगोपाल पुर में नहीं पहुंचे अधिकारी
समरगोपालपुर गांव में वजीर की पशु डेयरी की टीन शेड गिरी, गौशाला के दो कमरों की टीन शेड गिरी , ग्रामीण राकेश के मकान की छत की कड़ी टूट गई जबकि राजू के मकान की आधी छत गिर गई। इसको लेकर सरपंच राजेंद्र उर्फ राजू ने समाधान शिविर में शिकायत दी थी। जिसमें मुआवजे की मांग की गई।
हालांकि, अभी तक किसी विभाग के अधिकारी ने गांव का दौरा नहीं किया है। ऐसे में अब फिर से अधिकारियों से मिला जाएगा।