यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'...अंकल भाई-बहन फंसे हैं', रोहतक के ओमैक्स सिटी में चार सिलेंडर व एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट, 6 फ्लैट जले
Haryana Fire News हरियाणा के रोहतक के ओमैक्स सिटी (Omexe City Fire) में एक फ्लैट में चार सिलेंडर और एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से छह फ्लैट जलकर खाक ...और पढ़ें

HighLights
- ओमेक्स सिटी के 6 फ्लैट जलकर खाक
- सिलेंडर और कम्प्रेशर में हुआ तेज धमाका
- दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पा लिया
जागरण संवाददाता, रोहतक। शहर के ओमैक्स सिटी के एक फ्लैट में शुक्रवार को दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे चार सिलेंडर व एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद आग की चपेट में कुल छह फ्लैट आ गए।
आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन व स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद मौके पर उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा व एसडीएम आशीष कुमार पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर भी आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचित किया।
आठ दमकल की गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे आग पर काबू पाया। इस हादसे में फ्लैट में रखा सामान जल गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी जान को कोई खतरा नहीं हुआ।
ओमैक्स सिटी सोसाइटी के मैनेजर तरुण के अनुसार फ्लैट नंबर 527 ग्राउंड फ्लोर में रखे चार सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इस फ्लैट को सोसाइटी के साथी राजेश दुआ को ही किराये पर दे रखा था, जो शुक्रवार को परिवार के साथ दिल्ली गया था।
आग ने आसपास के छह फ्लैट को चपेट में ले लिया। जिसके बाद राहत बचाव का कार्य किया गया और दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पा लिया गया।

ऐसे लगी आग
सबसे पहले फ्लैट नंबर 527 में रखे चार सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। जिसके कारण इसी फ्लैट के प्रथम व द्वितीय फ्लोर तक आग चली गई। इसके बाद ठीक पीछे 535 द्वितीय फ्लोर, 536 ग्राउंड व प्रथम फ्लोर पर आग चली गई। इस तरह इन सभी फ्लैट का सामान जल गया।
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जान पर खेलकर बचाई जिंदगी
आग लगने से आसपास के लोग दहशत में आ गए। इस दौरान सोसाइटी के अकाउंटेंट नितिन ने जान पर खेलकर तीन बच्चों की जान बचाई। दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे नितिन ऑफिस के काम में लगा था। तभी फ्लैट नंबर 527 द्वितीय फ्लोर से एक किशोरी भागती हुई आई और रोती हुई बोली कि अंकल फ्लैट में आग लग गई, मेरे भाई-बहन फंसे हैं।
नितिन ने तुरंत सभी फ्लैट के बिजली कनेक्शन काट दिए व ऊपर गया और वहां से करीब नौ वर्षीय व 10 वर्षीय बच्चे को गोद में उठाकर बाहर निकाला। उन्होंने अपनी जान पर खेलकर बच्चों को बचा लिया। हादसे में नितिन बुरी तरह झुलस गया।

उन्हें पीजीआइ के ट्रामा सेंटर में दाखिल करवाया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। घायल नितिन ने जागरण संवाददाता को बताया कि वह शहर के अप्रोच रोड महाजन पड़ाव का रहने वाला है।
बच्चों को बचाने के लिए जिस फ्लैट में आग लगी थी, उसका दरवाजा खोला तो एकदम से सिलेंडर ब्लास्ट हो गए। जिसके बाद वह काफी दूर जाकर गिर गया। इस दौरान मुंह व सिर के बाल जल गए और हाथ भी झुलस गए।
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दमकल विभाग की टीम ने बहाया पसीना
ओमैक्स सिटी के फ्लैट में लगी भयानक आग को देखते हुए दमकल विभाग की टीम ने भी तुरंत पहुंच गईं। सेक्टर-5, सिटी दमकल केंद्र, सांपला और महम से भी गाड़ियां मंगाईं गईं। इसी तरह से बहादुरगढ़ से भी गाड़ी मंगाई। झज्जर और गुरुग्राम से गाड़ियां मंगाने के लिए वार्ता हुई थी और आधे रास्ते से उन्हें वापस किया गया।

दरअसल, फ्लैट में आग लगी होने के कारण हाइड्रोलिक प्लेटफार्म वाली गाड़ी गुरुग्राम से मंगाई गई थी, यह गाड़ियां एक साथ दो आती हैं। क्योंकि एक पर कर्मचारी खड़े होते हैं और दूसरी गाड़ी सटाकर खड़ी की जाती है, जिससे प्लेटफार्म या फिर अन्य तकनीकी खराबी से कर्मचारियों के साथ हादसा न हो सके। हालांकि शाम चार बजे से शाम सात बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।